निवेश एक बार, फायदा बार-बार! 15 साल के निवेश पर 6 साल का 'बोनस' रिटर्न, क्या आप जानते हैं इस स्कीम के बारे में?

सुकन्या समृद्धि योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका 15-21 साल वाला नियम है। इसमें आपको केवल 15 साल तक पैसा जमा करना होता है, लेकिन फंड 21 साल में मैच्योर होता है। यानी आखिरी के 6 सालों में बिना निवेश किए भी आपके पैसे पर ब्याज जुड़ता रहता है, जिससे कंपाउंडिंग का जबरदस्त लाभ मिलता है।

अपनी बेटी के सुरक्षित भविष्य और उसकी उच्च शिक्षा या शादी के लिए फंड जुटाना हर माता-पिता की सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। इस दिशा में सरकार की 'सुकन्या समृद्धि योजना' (SSY) सबसे भरोसेमंद और ज्यादा ब्याज देने वाली स्कीम मानी जाती है। इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत इसका '15-21' का नियम है, जो सुनने में तो साधारण लगता है, लेकिन जब इस पर कंपाउंडिंग का जादू चलता है, तो यह आपकी छोटी सी बचत को एक बड़े फंड में बदल देता है। यह योजना न केवल आपको सरकारी गारंटी देती है, बल्कि टैक्स बचाने का भी एक शानदार मौका भी देती है।

Sukanya Samridhi yojna

15 साल जमा करें पैसा

इस योजना के निवेश नियम को समझना बहुत जरूरी है। सुकन्या समृद्धि योजना में आपको केवल 15 साल तक ही पैसे जमा करने होते हैं, जबकि खाता 21 साल पूरे होने पर मैच्योर होता है। इसका मतलब यह है कि आखिरी के 6 सालों में आपको कोई प्रीमियम या किस्त नहीं भरनी पड़ती, लेकिन आपके जमा किए गए पैसे पर ब्याज जुड़ता रहता है। यही वह समय होता है जब 'कंपाउंडिंग' अपना असली कमाल दिखाती है। ब्याज पर मिलने वाला ब्याज आपकी मूल राशि को तेजी से बढ़ाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि आप अपनी बेटी के जन्म के तुरंत बाद यह खाता खोलते हैं, तो उसके 21 साल का होने तक आपके पास एक ऐसी रकम होगी जो उसकी पढ़ाई या शादी की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकेगी।

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