देश की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल इन्फोसिस (Infosys) का शेयर लगातार गिर रहा है। शुक्रवार को Infosys Share Price में 5 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। इससे पहले भी शेयर मल्टीपल टाइमफ्रेम पर निवेशकों के लिए निराशाजनक साबित हुआ है। आज की गिरावट के बाद शेयर अब पांच साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। इन्फोसिस जैसी बड़ी टेक कंपनी के शेयर की ऐसी पिटाई इसके लाखों निवेशकों के लिए बड़े झटके से कम नहीं है, क्योंकि इसे कुछ समय पहले तक देश के टॉप ब्लू चिप स्टॉक्स में शामिल किया जाता था। लेकिन, स्टॉक के पांच साल के प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया है।
फ्री फाल मोड में गिर रहा इन्फोसिस का शेयर
क्यों आ रही गिरावट?
कमजोर ग्रोथ आउटलुक, सीमित राजस्व रफ्तार और FY27 गाइडेंस को लेकर बढ़ी चिंता ने निवेशकों का भरोसा हिला दिया। मजबूत मुनाफे के बावजूद बाजार ने नतीजों को ठुकरा दिया। इन्फोसिस के चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष 2026 के नतीजे तकनीकी रूप से मजबूत दिखे, लेकिन बाजार ने कहानी कुछ और पढ़ी। मुनाफा बढ़ा, मार्जिन स्थिर रहा और डिविडेंड भी बढ़ा, फिर भी कमजोर आउटलुक ने शेयर पर भारी दबाव डाल दिया। नतीजा यह रहा कि स्टॉक 5% से ज्यादा टूटकर 5 साल के निचले स्तर के करीब आ गया। कंपनी ने Q4 FY26 और FY26 के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दी और ₹25 प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया।
बाजार को क्यों नहीं भाया नतीजा
इन्फोसिस ने मार्च तिमाही में ₹46,402 करोड़ का राजस्व और ₹8,501 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। सालाना आधार पर कंपनी का राजस्व ₹1,78,650 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹29,440 करोड़ रहा। ऑपरेटिंग मार्जिन 21% पर बना रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी की लाभप्रदता मजबूत बनी हुई है, लेकिन बाजार की नजर आगे की ग्रोथ पर थी, और वहीं निराशा हाथ लगी।
गाइडेंस ने बढ़ाई टेंशन
असल झटका आउटलुक से आया। निवेशकों को उम्मीद थी कि इन्फोसिस मांग में स्थिरता और नई डील्स के दम पर बेहतर संकेत देगी, लेकिन FY27 के लिए गाइडेंस अपेक्षाकृत कमजोर माना गया। यही वजह रही कि नतीजों की चमक फीकी पड़ गई और बिकवाली तेज हो गई। आईटी सेक्टर में पहले से मौजूद अनिश्चितता के बीच यह गाइडेंस बाजार के लिए और बड़ा नकारात्मक संकेत बन गया।
नतीजों से ज्यादा गाइडेंस का हुआ असर
कुल मिलाकर इन्फोसिस के नतीजे मुनाफे के मोर्चे पर ठीक रहे, लेकिन स्ट्रीट ने ग्रोथ विजिबिलिटी को तरजीह दी। यही कारण है कि मजबूत बैलेंसशीट और डिविडेंड के बावजूद शेयर पर भारी दबाव दिखा। अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में ग्रोथ की रफ्तार दोबारा कैसे पकड़ती है।
डिविडेंड का ऐलान
इन्फोसिस के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹25 प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड सुझाया है। रिकॉर्ड डेट 10 जून 2026 तय की गई है और भुगतान 25 जून 2026 को होगा। कंपनी ने 45वीं वार्षिक आम बैठक 23 जून 2026 को तय की है। इसके साथ ही बोर्ड ने सीईओ और एमडी सलिल पारेख के लिए RSU आधारित कई परफॉर्मेंस-लिंक्ड स्टॉक ग्रांट भी मंजूर किए हैं।
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