अगर आप भी अक्सर केबिन बैग के साथ हवाई यात्रा करते हैं तो ये जानकारी आपका दिल खुश कर सकती है। केबिन बैग के साथ ट्रैवल करने पर आपसे कम किराया लिया जाएगा। जी हां, देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने उन यात्रियों के लिए नया और किफायती किराया विकल्प पेश किया है, जो केवल केबिन बैग के साथ ट्रैवल करते हैं।
इंडिगो के साथ सस्ता हुआ हवाई सफर (Photo: iStock)
टिकट की शुरुआती कीमत होगी कम
कंपनी ने 'IndiGo Lite' नाम से नया फेयर लॉन्च किया है, जिसके तहत यात्रियों को कम बेस किराए पर टिकट मिलेगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब एयरलाइंस यात्रियों को उनकी जरूरत के हिसाब से सेवाएं चुनने का विकल्प दे रही हैं, ताकि टिकट की शुरुआती कीमत कम रखी जा सके।
क्या है IndiGo Lite?
IndiGo Lite एयरलाइन का नया एंट्री-लेवल फेयर ऑप्शन है, जिसे खास तौर पर उन यात्रियों के लिए तैयार किया गया है, जो केवल केबिन बैगेज के साथ यात्रा करते हैं और चेक-इन सामान की जरूरत नहीं होती। इस फेयर के तहत यात्रियों को सामान्य टिकट की तुलना में कम बेस प्राइस मिलेगा। साथ ही, एयरलाइन की ओर से बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ऑटो-असाइंड सीट भी दी जाएगी। यात्री अपने साथ अधिकतम 7 किलोग्राम तक का केबिन बैग ले जा सकेंगे।
कब से मिलेगा यह विकल्प?
इंडिगो की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया है कि IndiGo Lite fare बुकिंग के लिए 1 जुलाई यानी आज से ही उपलब्ध करवाया जा रहा है। यात्री इसे एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट (www.goindigo.in) और मोबाइल ऐप के जरिए बुक कर सकेंगे। इस कैटेगरी के टिकट पर यात्रा 15 जुलाई से शुरू होगी। यह सुविधा घरेलू उड़ानों के साथ-साथ चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी लागू की जाएगी।
किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?
यह नया फेयर उन यात्रियों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है, जो कम दूरी की यात्रा करते हैं या केवल एक छोटे बैग के साथ सफर करते हैं। ऐसे यात्रियों को अब उन सेवाओं के लिए अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ेगा, जिनकी उन्हें जरूरत नहीं है। इससे टिकट की शुरुआती कीमत पहले के मुकाबले अधिक किफायती हो सकेगी।
कंपनी ने क्या कहा?
इंडिगो के चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर आलोक सिंह के अनुसार, IndiGo Lite उन ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है, जो हल्के सामान के साथ यात्रा करते हैं और केवल जरूरी सेवाओं के लिए भुगतान करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने के साथ-साथ हवाई यात्रा को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
