IndiGo ने 13 मार्च को घोषणा की कि वह 14 मार्च से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टिकटों पर 425 से 2,300 रुपये तक का फ्यूल सरचार्ज लागू करेगी। इस फैसले से यात्रियों के लिए हवाई किराया बढ़ने की उम्मीद है। नई प्राइसिंग व्यवस्था के तहत, घरेलू रूट और भारतीय उपमहाद्वीप के भीतर की उड़ानों पर 425 रुपये का फ्यूल चार्ज लगेगा।
फाइल फोटो
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण विमान ईंधन की कीमतों में आए तेज उछाल के बीच इंडिगो ने शुक्रवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान टिकटों पर 14 मार्च से 425-2,300 रुपये तक ईंधन शुल्क वसूलने की घोषणा की। इंडिगो के इस कदम से हवाई किराये में बढ़ोतरी हो जाएगी।
घरेलू उड़ानों और भारतीय उपमहाद्वीप के भीतर ईंधन शुल्क 425 रुपये
एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि घरेलू उड़ानों और भारतीय उपमहाद्वीप के भीतर ईंधन शुल्क 425 रुपये होगा, जबकि पश्चिम एशिया की तरफ जाने वाली उड़ानों के लिए यह शुल्क 900 रुपये होगा।दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन, अफ्रीका और पश्चिम एशिया की उड़ानों के लिए ईंधन शुल्क 1,800 रुपये होगा जबकि यूरोप की उड़ानों के लिए ईंधन शुल्क 2,300 रुपये होगा।
एयरलाइन के संचालन खर्च में ATF की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत
एयरलाइन के संचालन खर्च में विमानन ईंधन (ATF) की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत होती है।कंपनी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण एटीएफ की कीमतों में तेज़ वृद्धि हुई है, लिहाजा ईंधन शुल्क लगाने का कदम उठाया गया है।
'यात्रियों पर बोझ कम रखने के लिए अपेक्षाकृत कम राशि का ईंधन शुल्क '
एयरलाइन ने कहा, 'अगर ईंधन की बढ़ी कीमतों का पूरा असर टिकट किराए पर डाला जाता तो किराया काफी ज्यादा बढ़ाना पड़ता। इसलिए यात्रियों पर बोझ कम रखने के लिए अपेक्षाकृत कम राशि का ईंधन शुल्क लगाया गया है।' इससे पहले 10 मार्च को एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी टिकटों पर ईंधन अधिभार लगाने की घोषणा की थी।
