भारत के सर्विस सेक्टर पर लगा 'ब्रेक', 14 महीने में सबसे सुस्त रही मार्च की रफ्तार

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था के सबसे मजबूत स्तंभ, सर्विस सेक्टर (Service Sector) पर साफ दिखने लगा है।

देश के सर्विस सेक्टर की वृद्धि दर मार्च में 14 महीने में सबसे धीमी रही जो नए कारोबार में नरमी को दर्शाती है। सोमवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी मिली। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक फरवरी के 58.1 से घटकर मार्च में 57.5 रह गया। यह जनवरी 2025 के बाद से नए कारोबार एवं गतिविधियों में सबसे धीमी वृद्धि को दर्शाता है। क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम का आशय संकुचन से होता है।

Service PMI

सर्विस सेक्टर

लगातार दूसरे महीने रफ्तार धीमी हुई

एचएसबीसी की भारत की मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजल भंडारी ने कहा कि देश के सेवा क्षेत्र में मार्च में विस्तार कायम रहा लेकिन वृद्धि की गति लगातार दूसरे महीने धीमी पड़ी। मांग मजबूत बनी रही, जिसका नेतृत्व नए निर्यात ऑर्डर ने किया जो 2024 के मध्य के बाद से सबसे अधिक बढ़े। इससे सेवा प्रदाताओं की भविष्य की गतिविधियों को लेकर उम्मीदें सकारात्मक बनी रहीं। सेवा क्षेत्र में नए निर्यात ऑर्डर में हालांकि तेज वृद्धि दर्ज की गई। सर्वेक्षण में शामिल कंपनियों ने अफ्रीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, अमेरिका और पश्चिम एशिया से मांग बढ़ने की बात कही।

End of Feed