भारत में घरों की मांग में तेजी लगातार बनी हुई है। नए मकानों की रिकॉर्ड सप्लाई के बावजूद घरों की कीमत में 14% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। Magicbricks PropIndex की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी–मार्च के दौरान रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट में सप्लाई में जबरदस्त बढ़ोतरी और कीमतों में उछाल देखने को मिला। वह भी तब जब, मांग में हल्की सुस्ती देखी गई। रिपोर्ट के अनुसार, देश के 13 बड़े शहरों में, नई प्रॉपर्टी सप्लाई पिछली तिमाही के मुकाबले (QoQ) 6.8% और पिछले साल के मुकाबले (YoY) 10.1% बढ़कर 1,10,821 तक पहुंच गई। वहीं, नेशनल लेवल पर प्रॉपर्टी की औसत कीमत बढ़कर ₹14,633 प्रति वर्ग फुट हो गईए, जो पिछले साल के मुकाबले 14.1% ज्यादा है।
डिमांड और सप्लाई का दिलचस्प खेल
रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि जनवरी से मार्च 2026 के बीच डेवलपर्स ने नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने में काफी तेजी दिखाई है। बेंगलुरु में सप्लाई 22.3%, हैदराबाद में 19.8% और कोलकाता में 12.1% बढ़ी है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी ज्यादा सप्लाई होने के बावजूद खरीदारों की डिमांड में पिछली तिमाही के मुकाबले 2.2% की मामूली गिरावट आई है। हालांकि, अगर हम साल-दर-साल (YoY) की बात करें, तो डिमांड अभी भी 1.5% ऊपर है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिमांड में आई यह हल्की गिरावट केवल मौसमी (seasonal) है और लोग अभी भी घर खरीदने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
शहरों का हाल
प्रॉपर्टी बाजार का मिजाज हर शहर में अलग-अलग है। नोएडा में (-8.2%), चेन्नई (-5.2%) और कोलकाता (-4.7%) जैसे शहरों में खरीदारों की गिरावट देखी गई। वहीं, अहमदाबाद (+2.7%) एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभरा, जहां डिमांड बढ़ी है। दिल्ली और पुणे जैसे शहरों में डिमांड लगभग स्थिर बनी हुई है। कीमतों के मामले में मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) अभी भी सबसे आगे है, जहां प्रॉपर्टी की वैल्यू में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई।
क्या है खरीदारों की पसंद?
आजकल के खरीदार अब छोटे घरों के बजाय स्पेशियस और लंबी अवधि के नजरिये से घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में 2 BHK (42%) और 3 BHK (37%) घरों की मांग सबसे अधिक है। लगभग 80% डिमांड इन्हीं दो कैटेगरीज में है। लोग अब 750 से 1250 स्क्वायर फीट के घरों को सबसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे आईटी हब में लोग बड़े घरों की तलाश में हैं, जबकि मुंबई जैसे महंगे शहर में बढ़ती कीमतों की वजह से लोग अभी भी कॉम्पैक्ट और किफायती घरों की ओर ही देख रहे हैं।
प्रीमियम घरों का बढ़ता क्रेज
बाजार में एक बड़ा बदलाव 'प्रीमियमकरण' (Premiumization) के रूप में देखा जा रहा है। अब 3 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले लग्जरी घरों की इन्वेंट्री तेजी से बढ़ रही है। डेवलपर्स अब केवल मकान नहीं, बल्कि एक बेहतर लाइफस्टाइल बेच रहे हैं। इनपुट कॉस्ट (निर्माण सामग्री की लागत) बढ़ने के बावजूद डेवलपर्स ने अपनी प्राइसिंग स्ट्रेटेजी को काफी संतुलित रखा है, क्योंकि उन्हें भविष्य में डिमांड बढ़ने का पूरा भरोसा है।
