UN Report 2026 : संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था बड़े ग्लोबल झटकों के बाद भी मजबूत बनी हुई है। इसके साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि Trump Tariff और Oil Crisis के डबल झटके के बाद भी साल 2026 में भारत की इकोनॉमी 6.4% से ग्रोथ जारी रख सकती है। इसके साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी टैरिफ की वजह से गिरते एक्सपोर्ट ने जोखिम बढ़ाया, जिससे GDP की रफ्तार पर दबाव दिख रहा है।
जारी रहेगी भारत की इकोनॉमी की रफ्तार
जारी रहेगी ग्रोथ
United Nations की रिपोर्ट “Economic and Social Survey of Asia and the Pacific 2026” के मुताबिक भारत की GDP ग्रोथ 2026 में 6.4% और 2027 में 6.6% रहने का अनुमान है। यह दिखाता है कि भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में बना रहेगा, लेकिन 2025 के 7.4% के मुकाबले रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ रही है, लेकिन यह रफ्तार थमने वाली नहीं है।
US टैरिफ से एक्सपोर्ट को बड़ा झटका
रिपोर्ट में सबसे बड़ा अलार्म एक्सपोर्ट को लेकर है। United States द्वारा अगस्त 2025 में लगाए गए 50% टैरिफ के बाद भारत का निर्यात करीब 25% तक गिर गया। इसका असर 2025 की दूसरी छमाही में साफ दिखा, जहां आर्थिक गतिविधियां कमजोर पड़ीं।
सर्विस सेक्टर बना अर्थव्यवस्था का सहारा
मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट पर दबाव के बीच सर्विस सेक्टर ने ग्रोथ को संभाले रखा। IT, फाइनेंस और अन्य सेवाओं की मांग मजबूत बनी रही, जिससे अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिली और आगे भी यही सेक्टर प्रमुख भूमिका निभाने वाला है।
महंगाई कंट्रोल में, डिमांड को मिलेगा सपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार 2026 में महंगाई 4.4% और 2027 में 4.3% रहने का अनुमान है। नियंत्रित महंगाई से घरेलू खपत को मजबूती मिलेगी, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जो भारत की ग्रोथ का बड़ा इंजन बनकर उभर रहे हैं।
FDI में गिरावट, लेकिन भारत बना निवेश का हब
एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में 2025 के दौरान FDI में 2% की गिरावट आई है, हालांकि भारत ने $50 बिलियन ग्रीनफील्ड निवेश आकर्षित कर अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखी। यह संकेत देता है कि लॉन्ग टर्म में निवेशकों का भरोसा अभी भी कायम है।
रेमिटेंस पर नया खतरा, खपत पर असर संभव
भारत दुनिया का सबसे बड़ा रेमिटेंस पाने वाला देश है, लेकिन 2026 से अमेरिका द्वारा लगाए गए 1% टैक्स से इन फ्लो पर असर पड़ सकता है। इससे घरेलू खपत, खासकर मध्यम वर्ग और ग्रामीण परिवारों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
ग्रीन इकोनॉमी बनेगी अगला बड़ा ग्रोथ इंजन
रिपोर्ट में ग्रीन एनर्जी सेक्टर को भारत के लिए बड़ा अवसर बताया गया है। सरकार की PLI स्कीम के जरिए सोलर, बैटरी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे सेक्टर्स में तेजी आ रही है, जिससे रोजगार और इंडस्ट्रियल ग्रोथ को नई दिशा मिल सकती है।
ग्रोथ जारी, लेकिन ग्लोबल रिस्क का दबाव
कुल मिलाकर भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, लेकिन अब यह पूरी तरह ग्लोबल फैक्टर्स से प्रभावित हो रही है। एक्सपोर्ट, FDI और रेमिटेंस पर दबाव के बीच घरेलू मांग और सर्विस सेक्टर ही आने वाले समय में ग्रोथ को थामे रखने की सबसे बड़ी ताकत होंगे।
