Job Creation : देश के इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (EPC) क्षेत्र में आने वाले वर्षों में रोजगार के बहुत बड़े अवसर बनने की उम्मीद है। हाल की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक इस क्षेत्र में 2.5 करोड़ से अधिक नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं। एचआर समाधान प्रदाता सीआईईएल एचआर की रिपोर्ट 'ईपीसी क्षेत्र प्रतिभा अध्ययन, 2025' में कहा गया है कि 2020 के बाद से ईपीसी क्षेत्र में भर्ती में 51 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। यह दर्शाता है कि ईपीसी भारत में रोजगार सृजन में अग्रणी क्षेत्र बन गया है।
ईपीसी क्षेत्र में नौकरी का बड़ा अवसर! (तस्वीर-istock)
वर्तमान में रोजगार की संख्या
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक रिपोर्ट के अनुसार, इस समय संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों को मिलाकर 8.5 करोड़ से अधिक लोग ईपीसी क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इनमें से लगभग 70–80 लाख पेशेवर देश की प्रमुख ईपीसी कंपनियों में कार्यरत हैं।
भविष्य में मांग
सीआईईएल एचआर के प्रबंध निदेशक और सीईओ आदित्य नारायण मिश्रा ने कहा कि जैसे-जैसे देशभर में बुनियादी ढांचे का विकास होगा, वैसे-वैसे भर्ती की मांग भी बढ़ती रहेगी। हर साल लाखों नए लोग रोजगार बाजार में आते हैं और ईपीसी क्षेत्र उनमें से अधिकांश को शामिल करता रहेगा।
एआई का असर
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कृत्रिम मेधा (एआई) से ईपीसी क्षेत्र की नौकरियों को खतरा नहीं है। इसके विपरीत, एआई से परियोजनाओं की गति बढ़ेगी, योजना और इंजीनियरिंग मजबूत होंगी, और आपूर्ति श्रृंखला बेहतर तरीके से प्रबंधित होगी।
मानव संसाधन की मांग
मिश्रा ने बताया कि एआई के इस्तेमाल से मानव संसाधन की मांग कम नहीं होगी। नई तकनीक से काम आसान होगा, लेकिन लोगों की जरूरत बनी रहेगी।
ग्रामीण और शहरी विकास
भारत का विकास मॉडल अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलित वृद्धि पर केंद्रित है। जैसे-जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा, वैसे-वैसे जनशक्ति की मांग बढ़ती जाएगी।
निजी क्षेत्र की भागीदारी
सरकार इस विकास को तेज करने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। इससे ईपीसी क्षेत्र में रोजगार के अवसर और भी बढ़ेंगे और यह क्षेत्र भारत की कार्यबल में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
