चावल निर्यात पर ईरान संकट का असर! निर्यातकों ने की तुरंत राहत उपाय की मांग

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  • Updated Mar 6, 2026, 12:51 PM IST

India Rice Exports: चावल निर्यातकों ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के बाद पैदा हुए संकट से निपटने के लिए सरकार से तत्काल राहत की मांग की। उन्होंने बंदरगाह शुल्क में छूट, स्टोरेज और डेमरेज जैसी सुविधाओं में रियायत, और भुगतान समायोजन में सीमा शुल्क और रिजर्व बैंक की मदद की अपील की है।

India Rice Exports: ईरान पर अमेरिका और इजराइल के साझा हमले के बाद पैदा हुए संकट का असर अब भारतीय चावल निर्यात पर भी साफ दिखाई देने लगा है। देश के चावल निर्यातकों ने सरकार से तुरंत राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री रास्तों पर अस्थिरता के कारण निर्यात से जुड़े कामकाज में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं। भारतीय चावल निर्यातक महासंघ ने सरकार से अपील की है कि इस स्थिति को देखते हुए निर्यातकों को कुछ तात्कालिक राहत दी जाए ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

India Rice Exports

ईरान संकट के बाद चावल निर्यातकों की चिंता बढ़ी (तस्वीर-istock)

बंदरगाह शुल्क में छूट की मांग

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक निर्यातकों का कहना है कि कई जहाजों के रद्द होने की वजह से बंदरगाहों पर भेजा गया माल वापस लौट रहा है। ऐसी स्थिति में स्टोरेज, डेमरेज और दूसरे बंदरगाह शुल्क का बोझ काफी बढ़ गया है। इसलिए उन्होंने सरकार से इन शुल्कों में छूट देने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जहाज रद्द हो जाते हैं और कार्गो को वापस लाना पड़ता है या उसका रास्ता बदलना पड़ता है, तो उससे जुड़े दस्तावेजी और भुगतान संबंधी काम भी मुश्किल हो जाते हैं। ऐसे मामलों में सीमा शुल्क विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक से सहयोग की भी मांग की गई है ताकि भुगतान समायोजन और दस्तावेजी प्रक्रियाएं आसान हो सकें।

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