नई दिल्ली। भारतीय बैंक पड़ोसी देश बांग्लादेश (Bangladesh) और अफ्रीकी देशों के साथ रुपये में व्यापार संचालित करने की तैयारी में जुटे हैं। इस संदर्भ में सूत्रों ने बताया कि भारत के बैंक बांग्लादेश के अलावा मिस्र जैसे कुछ अफ्रीकी देशों के साथ रुपये में कारोबार शुरू करने की संभावना तलाश रहे हैं। इससे रुपये (Indian Rupee) को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा के रूप में स्थापित किया जा सकेगा। इसका फायदा यह भी होगा कि विदेशी कारोबार रुपये में होने से विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में होने वाली उठापटक के असर से बचा जा सकता है।
भारतीय रुपये की बढ़ेगी साख
इन देशों के साथ रुपये में हो रहा है विदेशी कारोबार
आगे सूत्रों ने यह भी कहा कि वित्त मंत्रालय की हाल ही में हुई एक मीटिंग में सभी हितधारकों से कहा है कि वे अन्य देशों के साथ देश की करेंसी, रुपये में विदेशी कारोबार की सुविधा देने की संभावना को तलाशें। मालूम हो कि मौजूदा समय में रूस, मॉरीशस और श्रीलंका के साथ भारत से रुपये में विदेशी कारोबार हो रहा है। इसके लिए बैंकों के स्पेशल रुपया वोस्ट्रो अकाउंट (SRVA) का इस्तेमाल किया जाता है। अब तक 11 बैंकों ने इस तरह के 18 अकाउंट खोले हैं।
इन दिशों से इतना हुआ इम्पोर्ट
उल्लेखनीय है कि वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने पिछले वित्त वर्ष में मिस्र से 352 करोड़ डॉलर, अल्जीरिया से 100 करोड़ डॉलर और अंगोला से 272 करोड़ डॉलर के प्रोडक्ट्स का आयात किया था। वहीं वित्त वर्ष 2021-22 में बांग्लादेश से भारत ने 197 करोड़ डॉलर का आयात किया था।
हाल ही में एसबीआई मॉरीशस लिमिटेड और पीपुल्स बैंक ऑफ श्रीलंका ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ स्पेशल रुपया वोस्ट्रो अकाउंट खोला था। इसके अलावा बैंक ऑफ सीलोन ने चेन्नई में अपनी भारतीय सहायक कंपनी में एक अकाउंट खोला। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने रोस बैंक रूस (Ros Bank Russia) का एक स्पेशल रुपया अकाउंट खोला है। जबकि चेन्नई स्थित इंडियन बैंक ने कोलंबो स्थित एनडीबी बैंक और सीलन बैंक सहित तीन श्रीलंकाई बैंकों के ऐसे अकाउंट खोले हैं।
