India Agricultural Exports 2026 : भारत का कृषि निर्यात इकोनॉमी के लिए बूस्टर का काम कर रहा है। इससे 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को नई रफ्तार मिल रही है। भारतीय अनाज, फल, सब्जियों और प्रोसेस्ड फूड की दुनियाभर में मांग बढ़ रही है। इसकी तस्दीक आंकड़े कर रहे हैं। पिछले एक दशक में भारत का कृषि निर्यात पहली बार पहली बार 53 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है।
रिकॉर्ड स्तर पर कृषि एक्सपोर्ट
भारतीय कृषि ने रचा नया इतिहास
एग्रीकल्चर एंड प्रॉसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) के आंकड़े बताते हैं कि अब भारत में कृषि सिर्फ अपने लोगों का पेट भरने का जरिया नहीं है। भारतीय कृषि क्षेत्र ने देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दुनियाभर में भारतीय कृषि उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कृषि निर्यात बढ़कर 53.1 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। यह वित्त वर्ष 2014-15 के 38.6 अरब डॉलर के मुकाबले करीब 37.5 फीसदी की वृद्धि है।
| वित्तीय वर्ष | कृषि निर्यात |
|---|---|
| FY 2014-15 | 38.6 अरब डॉलर |
| FY 2025-26 | 53.1 अरब डॉलर |
| कुल वृद्धि | 37.5% |
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किन वजहों से मिली यह सफलता?
कृषि निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे कई बड़े कारक काम कर रहे हैं। सरकार की नीतिगत सहायता, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और गुणवत्ता नियंत्रण ने भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया है।
नीतियों ने बढ़ाई रफ्तार : सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई एक्सपोर्ट-फ्रेंडली नीतियां लागू की हैं। इससे निर्यातकों को नई बाजार संभावनाएं मिली हैं और किसानों को बेहतर कीमत प्राप्त हो रही है।
इंफ्रास्ट्रक्चर हुआ मजबूत : कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग, आधुनिक लॉजिस्टिक्स और बंदरगाह कनेक्टिविटी में सुधार का सीधा फायदा निर्यात को मिला है। अब कृषि उत्पाद तेजी से और बेहतर गुणवत्ता के साथ विदेशी बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
गुणवत्ता पर विशेष जोर : भारतीय कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए गुणवत्ता जांच और प्रमाणन व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इससे भारतीय उत्पादों की स्वीकार्यता वैश्विक बाजारों में बढ़ी है।
नए बाजारों तक पहुंच : भारत ने कई देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत किए हैं और नए बाजारों में प्रवेश हासिल किया है। इसका लाभ कृषि और खाद्य उत्पाद निर्यातकों को मिला है।
किसानों की आय पर दिख रहा असर
कृषि निर्यात में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिल रहा है। विदेशी बाजारों से मांग बढ़ने के कारण कई फसलों के बेहतर दाम मिल रहे हैं। इससे किसानों की आमदनी में सुधार हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार जारी रही तो आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक कृषि व्यापार में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।
