भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज हिंदुजा समूह के अध्यक्ष गोपीचंद पी. हिंदुजा द्वारा संकलित पुस्तक "आई एम?" का विमोचन किया। यह पुस्तक भारतीयता की सार्वभौमिक प्रासंगिकता को उजागर करती है, जो सभी धर्मों में विद्यमान है।
आई एम?" पुस्तक का विमोचन: भारत के उपराष्ट्रपति ने गोपीचंद हिंदुजा की पुस्तक का विमोचन किया।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस अवसर पर कहा, "यह पुस्तक भारतीयता की विविधता और एकता का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करती है। सनातन भूमि भारत में इसका विमोचन एक गहरे आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है। यह पुस्तक हमें धर्मांतरण के बिना दूसरे धर्मों के सत्य का सम्मान करना सिखाती है।"
'आई एम?' पुस्तक का उद्देश्य और संदेश
पुस्तक "आई एम?" एक प्रेरणादायक यात्रा है जो मानवता की विविधता और एकता पर आधारित है। गोपीचंद हिंदुजा ने इसे युवाओं को सकारात्मक दिशा में प्रभावित करने के उद्देश्य से संकलित किया। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक 'मैं' से 'हम' की यात्रा को दर्शाती है, जो मानवता को बीमारी से स्वस्थता की ओर ले जाएगी।
गोपीचंद हिंदुजा का विचार
हिंदुजा ग्रुप के अध्यक्ष अशोक हिंदुजा ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि बहुसांस्कृतिकता को बढ़ावा देना उनके परिवार के लिए आस्था का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि जीपी हिंदुजा का मानना था कि धर्म आध्यात्मिकता की खोज का एक कदम है, और यह पुस्तक उसी विचारधारा से प्रेरित है।
समारोह में उपस्थित प्रमुख हस्तियां
इस भव्य समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रख्यात विधिवेत्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी, ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरून, और अन्य प्रमुख व्यक्तित्व मौजूद थे।
