भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA), जिसे आधिकारिक तौर पर 'व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता' (CETA) कहा जाता है, 15 जुलाई 2026 से लागू हो रहा है। वाणिज्य मंत्रालय और ब्रिटिश उच्चायोग द्वारा की गई इस संयुक्त घोषणा के तहत दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक दोगुना होने का लक्ष्य है।
समझौते पर भारत और UK ने 24 जुलाई, 2025 को हस्ताक्षर किए थे।
आपको बतात दें कि G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के बीच बातचीत के बाद, भारत और यूनाइटेड किंगडम ने FTA लागू करने का ऐलान किया । इस घोषणा को लेकर अटकलें दिन में ही शुरू हो गई थीं, जब दोनों नेताओं के बीच "हॉट माइक" पर बातचीत सुनी गई थी। इसमें उन्हें "हमने कर दिखाया" कहते हुए सुना गया था।
CETA लागू करने की दिशा में बड़ा कदम
यह घोषणा कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) को लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस समझौते पर भारत और UK ने 24 जुलाई, 2025 को हस्ताक्षर किए थे और उम्मीद है कि इससे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश में काफी बढ़ोतरी होगी। UK सरकार ने 17 जून को एक बयान में कहा कि £4.8 बिलियन की ऐतिहासिक UK-India ट्रेड डील अगले महीने लागू होने जा रही है, जिसके लिए बिज़नेस अपनी तैयारी शुरू कर सकते हैं।
बयान में आगे कहा गया कि कारोबारों के पास इस समझौते को लागू करने की तैयारी के लिए अब 28 दिन बचे हैं। UK और भारत ने अपने सिस्टम तैयार करने के लिए काफी मेहनत की है। इसके बाद जुलाई के मध्य से कंपनियां कुछ खास शर्तों के तहत व्यापार शुरू कर सकेंगी।
टैक्स एजेंसी में रजिस्ट्रेशन कराना होगा
इस समझौते के तहत टैरिफ में मिलने वाली छूट का लाभ लेने के लिए कारोबारों को UK की टैक्स एजेंसी (HMRC) में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ब्रिटिश सरकार ने कंपनियों से कहा है कि वे अगले 28 दिनों में अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें और यह सुनिश्चित करें कि समझौते का फायदा उठाने के लिए उनकी सभी तैयारियां पूरी हैं।
बयान में कहा गया कि यह समझौता भारत की अब तक की सबसे बड़ी और व्यापक व्यापारिक डील है। इसके चलते लंबे समय में UK की अर्थव्यवस्था (GDP) में £4.8 बिलियन की बढ़ोतरी, वास्तविक वेतन में £2.2 बिलियन का इजाफा और दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार में £25.5 बिलियन की वृद्धि होने का अनुमान है। साथ ही, इस समझौते से UK को भारत के निर्यात को भी और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। FY27 के पहले दो महीनों में UK को भारत का निर्यात पिछले साल की तुलना में 12.4% बढ़कर 2.4 अरब डॉलर पहुंच गया था।
यह सुधार ऐसे समय में आया है जब FY26 भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रहा था। उस दौरान UK को भारत का निर्यात 7.6% घटकर 13.44 अरब डॉलर रह गया, जबकि UK से भारत का आयात 36.1% बढ़कर 11.7 अरब डॉलर पहुंच गया। मॉरीशस, UAE, ऑस्ट्रेलिया, EFTA और ओमान के साथ हुए समझौतों के बाद, UK के साथ यह भारत का 2021 के बाद किया गया छठा बड़ा व्यापार समझौता है।
UK को भारत के निर्यात में रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग का सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मुख्य हैं, जबकि ब्रिटेन से आयात में मुख्य रूप से कीमती धातुएं, मशीनरी, इलेक्ट्रिकल उपकरण, एयरोस्पेस उत्पाद, रसायन, मेडिकल डिवाइस और स्कॉच व्हिस्की शामिल हैं।
