Migration And Development Brief Report:दुनिया भर में बसे भारतीय प्रवासियों ने अपने देश जमकर पैसा भेजा है। विश्व बैंक की माइग्रेशन एंड डेवलपमेंट ब्रीफ के अनुसार भारतीय प्रवासी पैसा भेजने में एक बार फिर अव्वल रहे हैं। प्रवासी भारतीयों ने साल 2023 में 125 अरब डॉलर की रकम भेजी है। इसके बाद मेक्सिको (67 बिलियन डॉलर) और चीन (50 बिलियन डॉलर) हैं। वर्तमान में दक्षिण एशिया में भेजे जाने वाले कुल राशि में भारत की हिस्सेदारी 66 प्रतिशत है, जो 2022 में 63 प्रतिशत से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार रकम भेजने की वृद्धि दर लैटिन अमेरिका और कैरेबियन (8 प्रतिशत) में सबसे अधिक है, इसके बाद दक्षिण एशिया (7.2 प्रतिशत) और पूर्वी एशिया और प्रशांत (3 प्रतिशत) का स्थान है।
पैसा भेजने में भारतीय टॉप पर
भारत में बढ़ती रकम की वजह
भारत में राशि भेजने में बढ़ोतरी की प्रमुख वजह महंगाई में गिरावट और उच्च आय वाले देशों में मजबूत श्रम बाजार हैं, जिससे अमेरिका, ब्रिटेन और सिंगापुर में कुशल भारतीय ज्यादा पैसा भेज रहे हैं।भारत में कुल भेजी गई रकम में इन तीन देशों का हिस्सा 36 प्रतिशत है। इसके अलावा खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) से उच्च प्रवाह ने भी तेजी लाने में योगदान दिया, विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से, जो भारत के कुल राशि का 18 प्रतिशत हिस्सा है, जो अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है।
दक्षिण एशिया में कम लागत
एक अन्य महत्वपूर्ण कारक दक्षिण एशिया में राशि भेजने की कम लागत है। दक्षिण एशिया में 200 डॉलर भेजने की लागत 2023 की दूसरी तिमाही में वैश्विक औसत 6.2 प्रतिशत से 30 प्रतिशत कम है। वहीं मलेशिया से भारत तक राशि भेजना दुनिया में सबसे सस्ता, 1.9 प्रतिशत है।विश्व बैंक ने कहा कि वैश्विक मुद्रास्फीति और कम विकास संभावनाओं के कारण प्रवासियों के लिए वास्तविक आय में गिरावट के जोखिम के कारण 2024 में इसके 3.1 प्रतिशत तक नरम होने की उम्मीद है।
