नई दिल्ली। बुधवार को सरकार ने रिटेल इन्फ्लेशन (Retail Inflation) और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी कर दिए हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने यानी सितंबर में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति अगस्त के 7 फीसदी से बढ़कर पांच महीने के उच्च स्तर पर यानी 7.41 फीसदी पर पहुंच गई। आंकड़ा लगातार नौवें महीने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ऊपरी बैंड से काफी ऊपर रहा। देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) की बात करें, तो अगस्त में इसमें 0.8 फीसदी की गिरावट आई है।
नहीं मिल रही महंगाई से राहत, सितंबर में फिर हुआ इजाफा
खुदरा मुद्रास्फीति के ताजा डेटा से केंद्रीय बैंक पर अधिक दबाव डलने की संभावना है। आरबीआई ने इस वित्तीय वर्ष में पहले ही रेपो रेट में 190 आधार अंकों की वृद्धि की है। सीपीआई बास्केट में करीब आधा हिस्सा खाद्य मुद्रास्फीति का होता है। सितंबर 2022 में यह 8.60 फीसदी उछली है, जबकि इससे पिछले महीने यानी अगस्त में यह 7.62 फीसदी थी।
#Breakingnews 👉सितंबर में CPI ग्रोथ 7.41%👉सितंबर में CPI ग्रोथ 7% से बढ़कर 7.41% (MoM)#CPI #Inflation #CPIData t.co/JAnBjCylpQ
— ANI (@ANI) Oct 12, 2022
केंद्र सरकार ने आरबीआई को मार्च 2026 को समाप्त होने वाली पांच साल की अवधि के लिए खुदरा मुद्रास्फीति को 4 फीसदी और 2 फीसदी के मार्जिन के साथ नियंत्रित करने के लिए अनिवार्य किया है।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का कम हुआ प्रोडक्शन
मालूम हो कि एक साल पहले के समान महीने में यानी अगस्त 2021 में देश का औद्योगिक उत्पादन 13 फीसदी बढ़ा था। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से बुधवार को जारी किए गए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आंकड़ों से जानकारी मिली कि अगस्त 2022 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का प्रोडक्शन 0.7 फीसदी सिकुड़ गया। इसके अतिरिक्त माइनिंग प्रोडक्शन में 3.9 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं बिजली का प्रोडक्शन 1.4 फीसदी बढ़ा है।
#Breakingnews👉अगस्त में माइनिंग सेक्टर ग्रोथ 23.3% से घटकर -3.9% (YoY)👉अगस्त में इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर ग्रोथ16.0%… t.co/wfMp3XOSsz
— ANI (@ANI) Oct 12, 2022
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत में महंगाई पर काबू पाने के लिए मौद्रिक नीति को सख्त करने पर भारतीय रिजर्व बैंक की सराहना की है।
