India-New Zealand FTA Signed: भारत और न्यूजीलैंड ने सोमवार को भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले मौजूद रहे।
India New Zealand FTA (X handle/@PiyushGoyal)
दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध होंगे मजबूत
India New Zealand FTA (Photo: X Handle/@PiyushGoyal)
यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके तहत द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है, साथ ही भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में शुल्क-मुक्त (ड्यूटी-फ्री) पहुंच मिलेगी। इसके अलावा, अगले 15 वर्षों में लगभग 20 अरब डॉलर के निवेश को आकर्षित करने की भी उम्मीद जताई गई है।
भारत का पहला 'महिला-नेतृत्व वाला' मुक्त व्यापार समझौता
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर जानकारी देते बताया कि इस समझौते को #IndiaNZFTA नाम दिया गया है, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ता है। उन्होंने इस एफटीए को भारत का पहला 'महिला-नेतृत्व वाला' मुक्त व्यापार समझौता बताया गया है, जो समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
FTA दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर
वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के पोस्ट को शेयर करते हुए कहा, "यह समझौता न केवल आर्थिक सहयोग को नई गति देगा, बल्कि आपसी विश्वास, साझा मूल्यों और विकास की संयुक्त महत्वाकांक्षा को भी मजबूत करता है, जिससे द्विपक्षीय साझेदारी और अधिक गहरी होगी।"
दोनों देशों की वार्ता टीमों की अहम रही भूमिका
यह समझौता भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के नेतृत्व में संपन्न हुआ। महज नौ महीनों के रिकॉर्ड समय में इस पर सहमति बनना दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास, साझा दृष्टिकोण और आर्थिक समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस प्रक्रिया में न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले और दोनों देशों की वार्ता टीमों की अहम भूमिका रही।
निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में 100% ड्यूटी-फ्री एक्सेस
इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा यह है कि भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में 100 प्रतिशत ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs), किसानों, महिलाओं, युवाओं और पेशेवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे। साथ ही, यह समझौता रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाले क्षेत्रों को भी मजबूती देगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस समझौते में भारत के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए संतुलित और सावधानीपूर्वक ढांचा भी तैयार किया गया है।
भारत में करीब 20 अरब डॉलर का निवेश आएगा
इसके अलावा, यह भविष्य उन्मुख समझौता भारत में करीब 20 अरब डॉलर के निवेश को आकर्षित करने में सहायक होगा। इससे व्यापार, सेवाओं, निवेश, इनोवेशन, श्रम गतिशीलता, कृषि उत्पादकता और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग और गहरा होगा। साथ ही, कुशल प्रतिभाओं और छात्रों के लिए नए अवसरों के द्वार भी खुलेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच मानव संसाधन का आदान-प्रदान बढ़ेगा।
‘विकसित भारत’ के विजन को आगे बढ़ाएगा समझौता
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता एक विन-विन साझेदारी के रूप में देखा जा रहा है। यह न केवल ‘विकसित भारत’ के विजन को आगे बढ़ाता है, बल्कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को भी नई मजबूती देता है। साथ ही, यह वैश्विक स्तर पर समावेशी और भरोसेमंद सहयोग का एक नया मानक स्थापित करता है।
