China FDI:चीन से FDI को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन की मांग, इकोनॉमिक सर्वे ने बताया है भारत की जरूरत

China FDI: संसद में पेश आर्थिक समीक्षा में देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने और निर्यात बाजार का उपयोग करने के लिए चीन से एफडीआई की अनुमति देने की वकालत की गयी है। इस बीच नीती आयोग के उपाध्यक्ष का अहम बनाया है। जिन्होंने स्पष्ट गाइडलाइन की मांग की है।

China FDI:भारत को चीन से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को तेजी से मंजूरी देने के लिए स्पष्ट गाइडलाइन की जरूरत है। इसका कारण यह है ‘मामला-दर-मामला’ समीक्षा की व्यवस्था धीमी है। ये बात नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने कही है।बेरी ने कहा कि फिलहाल भारत सुरक्षा उद्देश्य से चीन के एफडीआई प्रस्तावों की जांच करता है। अमेरिका में भी ऐसी व्यवस्था है। इसी सप्ताह संसद में पेश आर्थिक समीक्षा में देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने और निर्यात बाजार का उपयोग करने के लिए चीन से एफडीआई की अनुमति देने की वकालत की गयी है।

Economic Survey Urges Boost in Chinese FDI

चीन से एफडीआई की वकालत

चीन से FDI जरूरत

सुमन बेरी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि मुझे लगता है कि इस संदर्भ में स्पष्ट गाइडलाइन होनी चाहिए। इसका कारण मामला-दर-मामला आधार पर समीक्षा धीमी है। हम चीन से निवेश प्राप्त करना चाहते हैं, क्योंकि वह बचत के मामले में सरप्लस की स्थिति है। उसके पास अच्छी प्रौद्योगिकी है।इसी सप्ताह संसद में पेश आर्थिक समीक्षा में देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने और निर्यात बाजार का उपयोग करने के लिए चीन से एफडीआई की अनुमति देने की वकालत की गयी है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा,लेकिन सच्चाई यह है कि हमें उनके साथ कूटनीतिक स्तर पर कुछ समस्याएं हैं और इसीलिए हमें सतर्क रहना होगा।देश में वर्तमान में ज्यादातर एफडीआई स्वत: मंजूर मार्ग से आता है। हालांकि, भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से किसी भी क्षेत्र में आने वाले एफडीआई को अनिवार्य रूप से सरकारी मंजूरी की जरूरत होती है।

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