US-Iran सीजफायर के बीच एक्शन में भारत, होर्मुज रूट में फंसे तेल-गैस लाने के लिए उठाया यह बड़ा कदम

US Iran ceasefire अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बाद भारत अपनी एनर्जी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक्शन मोड में है। सरकार ने तेल और गैस की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं।

US Iran ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया है। वहीं, ईरान ने इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz Crisis) खोलने का ऐलान किया है। सीजफायरा के बाद इस रूट से जहाज तेजी से निकल भी रहे हैं। इस वक्त का सही इस्तेमाल करने के लिए भारत ईरान से अपील की है कि वह होर्मुज रूट से भारत आने वाले तेल के जहाजों की आवाजाही तेज करने में मदद करे। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का मकसद सीजफायर के दौरान भारत आने वाले तेल और गैस के जहजों को जल्द भारत के बंदरगाहों पर लाकर खाली कर लिया जाए, ताकि मौजूदा दो हफ्ते के सीजफायर के दौरान उन्हें दोबारा इस्तेमाल करके ईंधन का स्टॉक फिर से भरा जा सके।

Iran Crisis

भारत ने ईरान से की अपील

होर्मुज में अभी 800 जहाज फंसे हुए

भारत आने वाले कई जहाज अभी होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल 16 भारतीय झंडे वाले जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं, जबकि पिछले कुछ हफ्ते में आठ LPG कैरियर होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने में कामयाब रहे हैं। कुल मिलाकर, इस क्षेत्र में लगभग 800 जहाज फंसे हुए हैं, और इस भीड़ को हटाने में समय लगने की उम्मीद है। इन जहाजों में लगभग 172 मिलियन बैरल तेल इस समय समुद्र में फंसा हुआ है। इन जहाजों में से 420 से ज्यादा टैंकरों में कच्चा तेल और स्वच्छ ईंधन भरा है, साथ ही लिक्विफाइड गैस ले जाने वाले और सूखा माल ले जाने वाले जहाज भी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 20,000 क्रू सदस्य इस समय इन जहाजों पर फंसे हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, सीजफायर के बावजूद कुछ ही जहाज वहां से गुज़र पाए हैं। ज्यादातर जहाज सुरक्षा की भारी कमी और अनिश्चितता के कारण अभी भी वहीं रुके हुए हैं।

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