यूक्रेन युद्ध शुरू होने से अब तक भारत ने रूस से 144 अरब यूरो का कच्चा तेल खरीदाः रिपोर्ट

सीआरईए ने कहा कि रूसी तेल का प्रवाह यूरोपीय संघ में, मुख्य रूप से हंगरी और स्लोवाकिया में जारी है। प्रतिबंध लगाने वाले देश रूसी कच्चे तेल से परिष्कृत उत्पादों को आयात की अनुमति देकर रूस के राजस्व को बढ़ावा देना जारी रखे हुए हैं।

भारत ने यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद से रूस से लगभग 144 अरब यूरो मूल्य का कच्चा तेल आयात किया है। यूरोपीय शोध संस्थान सीईआरए ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीईआरए) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2022 से वैश्विक तेल बिक्री से रूस को लगभग 1,000 अरब यूरो की कुल आय हुई है। इस दौरान चीन के बाद भारत रूसी तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार रहा है।

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यूरोपीय संघ ने रूस से जीवाश्म ईंधन खरीदने पर 218.1 अरब यूरो खर्च किए। (फोटो क्रेडिट-iStock)

चीन ने फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद से 210.3 अरब यूरो मूल्य का रूसी तेल, 42.7 अरब यूरो मूल्य का कोयला और 40.6 अरब यूरो मूल्य की गैस खरीदी है। युद्ध की शुरुआत से लेकर तीन जनवरी, 2026 तक चीन की रूस से कुल ऊर्जा खरीद 293.7 अरब यूरो रही है।

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