किसानों के हितों के साथ भारत ने अमेरिका से नहीं किया कोई समझौता, इन उत्पादों पर नहीं दी कोई रियायत

भारत का लक्ष्य अगले चार साल में कृषि, समुद्री उत्पाद और खाद्य एवं पेय पदार्थों के संयुक्त निर्यात को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। मुख्य निर्यात वस्तुओं में चाय, कॉफी, चावल, कुछ अनाज, मसाले, काजू, तेल खली, तिलहन, फल ​​और सब्जियां शामिल हैं।

India US Trade Deal: भारतीय किसानों के हितों के साथ भारत ने अमेरिका से कोई समझौता नहीं किया है। आपको बता दें कि भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम ट्रेड डील के तहत मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पॉल्ट्री, दूध, पनीर, एथनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियों और मांस जैसे संवेदनशील कृषि एवं डेयरी उत्पादों के मामले में अमेरिका को कोई शुल्क रियायत नहीं दी है और इन क्षेत्रों को पूरी तरह संरक्षण दिया गया है। भारत और अमेरिका ने शनिवार को अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा पर सहमत होने की घोषणा की। इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को पहले के 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा।

India US Trade Deal

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील

किसानों के हितों की रक्षा की गई

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "यह समझौता किसानों के हितों की रक्षा करने और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके तहत मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पॉल्ट्री, दूध, पनीर, एथनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस सहित संवेदनशील कृषि एवं डेयरी उत्पादों को पूरी तरह से संरक्षित किया गया है।" इन वस्तुओं का संबंध भारत के छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका से जुड़ा होने के कारण इन्हें संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि सभी व्यापार वार्ताओं में किसानों के हित सर्वोपरि रहते हैं और मोदी सरकार किसानों की रक्षा करने और ग्रामीण आजीविका को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

End of Feed