Anti-Dumping Duty On Chinese Steel: भारत के वित्त मंत्रालय ने कुछ चाइनीज स्टील (Chinese Steel) पर पांच साल की अवधि के लिए एंटी-डंपिंग शुल्क (Anti-Dumping Duty) लगा दी है। मंत्रालय के आधिकारिक गजट में इस बात की जानकारी दी गई है। इससे पहले 4 सितंबर को, भारत के स्टील सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा ने कहा था स्टील इंडस्ट्री ने चीनी विक्रेताओं द्वारा संभावित डंपिंग पर चिंता जताई है, जिसके बाद स्टील आयात की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
चीनी स्टील पर एंटी-डंपिंग शुल्क लगा
क्या है एंटी-डंपिंग ड्यूटी
एंटी-डंपिंग शुल्क एक संरक्षणवादी टैरिफ (Protectionist Tariff) है जो घरेलू सरकार उन विदेशी सामानों के आयात पर लगाती है जिसके बारे में उसका मानना है कि उसकी कीमत उचित बाजार मूल्य (Fair Market Value) से कम है। अपनी-अपनी अर्थव्यवस्था की सेफ्टी के लिए, कई देश उन उत्पादों पर शुल्क लगाते हैं जिनके बारे में उनका मानना होता है कि उन्हें उनके राष्ट्रीय बाजार में डंप किया जा रहा है।
क्या होती है डंपिंग
डंपिंग एक ऐसी प्रॉसेस है जिसमें एक कंपनी किसी प्रोडक्ट को ऐसी कीमत पर निर्यात करती है जो उसके घरेलू बाजार में सामान्य रूप से वसूली जाने वाली कीमत से काफी कम होती है।
चाइनीज स्टील पर एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने के इस आदेश के पीछे के कारण पर वित्त मंत्रालय के राजपत्र में कहा गया है कि एक्सपोर्ट प्राइस के एविडेंस से संकेत मिलता है कि चाइनीज निर्यातक तीसरे देशों को काफी डंप और नुकसानदेह कीमतों पर माल निर्यात कर रहे हैं।
चीन दूसरा सबसे बड़ा स्टील एक्सपोर्टर रहा
अप्रैल-जुलाई के दौरान, दक्षिण कोरिया के बाद चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात निर्यातक रहा। इसने भारत को 0.6 मिलियन मीट्रिक टन स्टील की बिक्री की, जो एक साल पहले की समान अवधि से 62% अधिक रही।
