India UK FTA : भारत और ब्रिटेन के बीच गुरुवार को होने वाले मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर सभी की नजरें लगी हैं। इस समझौते पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर हस्ताक्षर करने वाले हैं। करीब तीन साल तक चली लंबी बातचीत के बाद दोनों देशों ने इस समझौते को अंतिम रूप दिया है। इस एफटीए का उद्देश्य टैरिफ की उच्च दरों को निचले स्तर पर लाना, एक दूसरे के बाजारों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना और सेवाओं एवं निवेश में मजबूती लाना है।
एफटीए पर हस्ताक्षर करेंगे भारत और ब्रिटेन। तस्वीर-PTI
पीयूष गोयल भी मौजूद रह सकते हैं
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के समय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पीएम मोदी के साथ मौजूद रह सकते हैं। ब्रिटेन की संसद और भारत की कैबिनेट से इस समझौते पर मुहर लगने के बाद यह समझौता प्रभाव में आ जाएगा।
भारत में स्कॉच व्हिस्की होगी सस्ती
इस व्यापार समझौते के तहत भारत ब्रिटेन के उत्पादों एवं वस्तुओं पर करीब 90 फीसदी टैरिफ कम करेगा। स्कॉच व्हिस्की और जिन पर लगने वाला 150 प्रतिशत टैरिफ 75 प्रतिशत पर आ जाएगा। यही नहीं यह टैरिफ अगले 10 सालों में 40 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य है। इसके अलावा ब्रिटेन में बनी कारों पर भारत में 100 फीसद से ज्यादा शुल्क लगता है, यह शुल्क भी कम होकर कोटा सिस्टम के तहत 10 प्रतिशत पर आ जाएगा। एफटीए लागू हो जाने के बाद ब्रिटेन के उत्पाद जैसे कि कॉस्मेटिक, सैलमन मछली, चॉकलेट, मेडिकल उपकरण और बिस्किट सस्ते हो जाएंगे।
भारतीय उत्पादों पर लगेगा जीरो शुल्क
भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक ब्रिटेन इसके बदले 99 फीसद भारतीय उत्पादों को अपने बाजार शुल्क मुक्त पहुंच देगा। एक्सपर्ट का मानना है कि यह समझौता भारत के कई क्षेत्रों को एक प्रतिस्पर्धी माहौल देगा। ब्रिटेन में कपड़े, फुटवियर, रत्न, आभूषण, ऑटो उपकरण, फर्नीचर, स्पोर्ट्स गुड्स, रसायन और मशीनरी पर जीरो शुल्क लगेगा। अभी ब्रिटेन में इन उत्पादों पर चार से 16 प्रतिशत शुल्क लगता है। भारतीय इलेक्ट्रिक एवं हाइब्रिड वाहन निर्माताओं को कोटा प्रणाली के तहत प्राथमिकता मिलेगी।
2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
वहीं, निर्यातकों के शीर्ष संगठन फियो ने बुधवार को कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते से कपड़ा, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, औषधि, समुद्री और इंजीनियरिंग सामान जैसे क्षेत्रों को लाभ होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान इस समझौते पर 24 जुलाई को हस्ताक्षर किए जाएंगे। इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) ने कहा कि इस समझौते से भारतीय परिधान और वस्त्रों पर शुल्क समाप्त होने की संभावना है, जिससे ब्रिटेन के बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी।
