हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2026 की ताजा रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारत अब केवल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि 'अरबपतियों की फैक्ट्री' बन चुका है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल में भारत ने दौलत बनाने के मामले में चीन और अमेरिका जैसे दिग्गजों को भी कड़ी टक्कर दी है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि भारत में अब लगभग हर हफ्ते एक नया अरबपति तैयार हो रहा है। आइए जानते हैं भारत में कितने अरबपति हैं?
300 के पार पहुंची अमीरों की संख्या
हुरुन रिच लिस्ट 2026 के अनुसार, भारत में अब अरबपतियों (Billionaires) की कुल संख्या बढ़कर 308 हो गई है। पिछले साल की तुलना में भारत ने अपनी लिस्ट में 57 नए नाम जोड़े हैं। अगर हम इसका औसत निकालें, तो यह आंकड़ा बताता है कि हर सात दिन में एक नया भारतीय रईस अरबपतियों के 'सुपर-रिच' क्लब में शामिल हो रहा है। इस उपलब्धि के साथ भारत अब अमेरिका और चीन के बाद दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी अरबपति आबादी वाला देश बन गया है।
मुंबई ने न्यूयॉर्क और लंदन को पछाड़ा
इस रिपोर्ट का सबसे दिलचस्प पहलू 'सपनों की नगरी' मुंबई से जुड़ा है। वेल्थ क्रिएशन (दौलत बनाने) के मामले में मुंबई ने दुनिया के सबसे बड़े वित्तीय केंद्रों को पीछे छोड़ दिया है। पिछले एक साल में मुंबई में 15 नए अरबपति बने हैं, जबकि न्यूयॉर्क में 14 और लंदन में केवल 9 नए नाम जुड़े। मुंबई अब एशिया का एक बहुत बड़ा 'वेल्थ हब' बनकर उभरा है, जो यह दर्शाता है कि भारत के कॉर्पोरेट जगत में कितनी तेजी से विस्तार हो रहा है।
अंबानी और अडानी का दबदबा बरकरार
भारतीय रईसों की इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अभी भी नंबर-1 पायदान पर काबिज हैं। लगभग ₹9.8 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ वह न केवल भारत, बल्कि पूरे एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उनके बाद गौतम अडानी और उनके परिवार का स्थान आता है, जिनकी संपत्ति में भी पिछले एक साल में जबरदस्त उछाल देखा गया है। इन दिग्गजों के अलावा, भारत में नए दौर के स्टार्टअप्स और हेल्थकेयर सेक्टर से भी कई नए नाम सामने आए हैं।
किन सेक्टर्स ने बनाए सबसे ज्यादा रईस?
भारत में अरबपतियों की इस बाढ़ के पीछे कुछ खास उद्योगों का बड़ा हाथ है। हेल्थकेयर और फार्मास्युटिकल सेक्टर नए अरबपति बनाने में सबसे आगे रहा है। इसके बाद रियल एस्टेट, कंज्यूमर गुड्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर का नंबर आता है। भारत के शेयर बाजार (Stock Market) में आई तेजी ने भी निवेशकों और प्रमोटर्स की संपत्ति को कई गुना बढ़ा दिया है, जिससे वे अरबपतियों की श्रेणी में पहुंच गए हैं।
