म्यूचुअल फंड का अधूरा KYC पड़ सकता है भारी, पैसे अटके उससे पहले 5 स्टेप्स में चेक कर लें अपना स्टेटस

म्यूचुअल फंड निवेश को सुरक्षित रखने के लिए KYC अपडेट जरुरी है। अधूरा स्टेटस आपको फ्रॉड का शिकार बना सकता है। 'वैलिडेटेड' और 'ऑन-होल्ड' का अंतर और आसान स्टेप्स में अपना स्टेटस चेक करने का तरीका।

आज के समय में म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश करना अपनी संपत्ति बढ़ाने का सबसे लोकप्रिय तरीका बन गया है। लेकिन जैसे-जैसे निवेश बढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर अपराध और धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में आपकी सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने KYC (Know Your Customer) को पूरी तरह अपडेट और वैलिडेट रखने की होनी चाहिए। अधूरा या पुराना KYC न केवल आपके निवेश को जोखिम में डालता है, बल्कि आप ठगों का आसान निशाना भी बन सकते हैं। SEBI और AMFI जैसे नियामक बार-बार निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे अपने रिकॉर्ड्स को दुरुस्त रखें, ताकि भविष्य में किसी भी वित्तीय लेन-देन में रुकावट न आए। अच्छी बात यह है कि आप घर बैठे ही कुछ ही मिनटों में अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं।

Mutual Fund

3 टाइप के KYC स्टेटस

म्यूचुअल फंड में आपके KYC स्टेटस के मुख्य रूप से तीन प्रकार होते हैं, जिन्हें समझना बहुत जरूरी है। पहला है 'वैलिडेटेड' (Validated) यह सबसे सुरक्षित स्थिति है, जिसका मतलब है कि आपके आधार के जरिए आपकी पहचान पूरी तरह प्रमाणित हो चुकी है और आप बिना किसी बाधा के लेन-देन कर सकते हैं। दूसरा है 'रजिस्टर्ड' (Registered) इसका अर्थ है कि आपका बुनियादी वेरिफिकेशन तो हो चुका है, लेकिन इसे पूरी तरह 'वैलिडेट' करना भविष्य के लिए बेहतर है। तीसरा और सबसे चिंताजनक है 'ऑन-होल्ड' (On-Hold) इसका मतलब है कि आपके दस्तावेजों में कोई कमी है या आपका मोबाइल/ईमेल अपडेटेड नहीं है। अगर आपका स्टेटस 'ऑन-होल्ड' है, तो आपके पैसे निकालने या नए निवेश करने पर तुरंत रोक लग सकती है।

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