ITR दाखिल करने के बाद 30 दिनों के भीतर वेरिफिकेशन करना क्यों जरूरी?

Income Tax Return: इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए अब काफी कम समय बचे हैं। आप निश्चित तौर पर आईटीआर दाखिल में जुटे होंगे। लेकिन यह जान लीजिए सिर्फ दाखिल करना ही जरूरी नहीं है बल्कि इसे वेरिफाई पर करना जरूरी है।

Income Tax Return: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है, तारीख नजदीक होने की वजह से टैक्सपेयर्स जरूरी दस्तावेज जुटाने में लगे हैं। और एक बार जब आप अपना कर रिटर्न दाखिल कर देते हैं तो 30 दिनों के भीतर इसे वेरिफाई करना महत्वपूर्ण है। हाल ही में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स को सूचित किया कि उन्हें दाखिल करने के 30 दिनों के भीतर अपना रिटर्न वेरिफाई करना होगा। इनकम टैक्स एक्ट 1961 के मुताबिक वेरिफिकेशन में देरी के प्रतिकूल परिणाम हो सकते हैं।

ITR Filing, ITR Verification

आईटीआर को वेरिफाई करना क्यों जरूरी (तस्वीर-Canva)

कैसे करते हैं ITR वेरिफिकेशन?

इनकम टैक्स रिटर्न को वेरिफिकेशन करने का सबसे सुविधाजनक और परेशानी मुक्त तरीका आधार-ओटीपी, नेट बैंकिंग या पहले से मान्य बैंक अकाउंट या डीमैट अकाउंट के माध्यम से रिटर्न को ई-वेरिफिकेशन करना है। अगर आप ऑनलाइन वेरिफिकेशन से सहज नहीं हैं, तो आप आईटीआर-वी की प्रति बेंगलुरु में सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) को भी भेज सकते हैं। हालांकि यह अधिक समय लेने वाली प्रक्रिया है।

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