Income Tax Notice: कितने तरह का होता है इनकम टैक्स नोटिस और क्यों आता है?

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने के बाद कई बार लोगों को आयकर विभाग की ओर से नोटिस मिल जाता है। विभाग अलग-अलग वजहों से कुल 7 तरह के नोटिस भेजता है, जो अलग-अलग सेक्शनों के तहत जारी होते हैं। हर नोटिस की अपनी खास समयसीमा और जवाब देने का तरीका होता है। ऐसे में आइए बताते हैं कि इनकम टैक्स नोटिस कितने तरह के होते हैं और क्यों आते हैं?

इनकम टैक्स का नोटिस सुनते ही ज्यादातर लोगों की धड़कन बढ़ जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं हर नोटिस का मतलब यह नहीं होता कि आपने कोई गलती कर दी है। कई बार तो यह सिर्फ एक साधारण जानकारी की मांग होती है, जिसे पूरा करते ही मामला तुरंत बंद हो जाता है। इनकम टैक्स विभाग आपकी आय, खर्च और लेनदेन से जुड़े डेटा की मिलान करने के लिए अलग-अलग तरह के नोटिस भेजता है। अगर आप ये समझ लें कि कौन-सा नोटिस क्यों आता है और उसका क्या मतलब होता है, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं। आइए आपको बताते हैं कितने तरह का नोटिस होता है और क्यों आता है नोटिस?

Income Tax notice

नोटिस क्यों मिलता है?

अगर आपकी आय, बैंक लेनदेन, निवेश या टैक्स कटौती की जानकारी विभाग के डेटा से मेल नहीं खाती, तो नोटिस भेजा जाता है। कई लोग समय पर ITR नहीं भरते, निवेश तो कर देते हैं लेकिन प्रमाण नहीं लगाते, या बैंक खाते में बड़े लेनदेन कर देते हैं इन सभी स्थितियों में विभाग जानकारी मांग सकता है। शेयर बाजार में भारी निवेश, क्रेडिट कार्ड पर ज्यादा खर्च, या प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त भी नोटिस का कारण बन सकती है।

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