How to Manage 50,000 Salary: आज के समय में अच्छी कमाई होने के बावजूद कई लोग महीने के अंत में पैसे की कमी महसूस करने लगते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो इसका कारण फाइनेंशियल प्लानिंग का अभाव हो सकता है। पैसे को सही तरीके से मैनेज करने के लिए 50-30-20 रूल काम आता है। अगर आपकी इन हैंड सैलरी 50,000 रुपए है तो आप बचत और निवेश के लिए 10 हजार रुपए बचा सकते हैं। आइए जानते हैं 50,000 रुपए की इन हैंड सैलरी के लिए यह रूल कैसे काम करेगा-
50,000 रुपए सैलरी को खर्च करने का सही तरीका (Photo: iStock)
50-30-20 रूल क्या है
सबसे पहले समझते हैं कि 50-30-20 रूल क्या होता है। इस नियम के अनुसार आपकी सैलरी को तीन हिस्सों जरूरत (Needs), इच्छाएं (Wants) और बचत (Savings) में बांटा जाना चाहिए।
- कोशिश करें कि आप अपनी सैलरी का 50 प्रतिशत जरूरतों (Needs) के लिए अलग रख दें।
- सैलरी का 30 प्रतिशत हिस्सा इच्छाओं (Wants) के लिए रखा जाना चाहिए।
- बाकि की सैलरी यानी इसका 20 प्रतिशत हिस्सा आपकी बचत (Savings) के लिए रखा जाना चाहिए।
50,000 रुपए की सैलरी को खर्च करने का तरीका
अगर आपकी सैलरी 50,000 रुपए है तो इसका हिसाब कुछ इस तरह होगा-
जरूरतों पर 50% खर्च – 25,000 रुपए
जरूरतों में वे खर्च शामिल होते हैं जो जीवन के लिए जरूरी होते हैं। जैसे घर का किराया, बिजली-पानी का बिल, राशन, यात्रा का खर्च, मोबाइल या इंटरनेट बिल आदि। कोशिश करें कि ये सभी जरूरी खर्च मिलाकर लगभग 25,000 रुपए के अंदर ही रहें। इससे आपका बजट संतुलित रहता है।
इच्छाओं पर 30% खर्च – 15,000 रुपए
इच्छाओं में वे चीजें आती हैं जो जरूरी नहीं होतीं, लेकिन जीवन को आरामदायक बनाती हैं। जैसे बाहर खाना खाना, मूवी देखना, शॉपिंग, घूमना-फिरना या ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन। 50,000 रुपए की सैलरी में लगभग 15,000 रुपए तक इन चीजों पर खर्च किया जा सकता है। हालांकि, अगर आप ज्यादा बचत करना चाहते हैं तो इस हिस्से को थोड़ा कम भी कर सकते हैं।
बचत और निवेश के लिए 20% – 10,000 रुपए
यह हिस्सा आपके भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। 50,000 रुपए की सैलरी में कम से कम 10,000 रुपए हर महीने बचत या निवेश में लगाने चाहिए। यह पैसा आप SIP, म्यूचुअल फंड, रिकरिंग डिपॉजिट या इमरजेंसी फंड में लगा सकते हैं। लगातार निवेश करने से भविष्य में एक अच्छी रकम तैयार हो सकती है।
