गाड़ी खरीदने से पहले कितना होना चाहिए बैंक बैलेंस? समझें पैसों का पूरा कैलकुलेशन

नई कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो जोश में बजट न बिगाड़ें। गाड़ी की कुल ऑन-रोड कीमत से लेकर EMI के हिसाब किताब तक आइए बताते हैं आपके पास कितना बैंक बैलेंस होना चाहिए?

अपने दम पर एक नई कार खरीदना हर किसी का बड़ा सपना होता है। जब भी हम सड़क पर किसी चमचमाती गाड़ी को देखते हैं, तो मन में उसे अपना बनाने की चाहत जाग उठती है। आजकल के दौर में आकर्षक लोन ऑफर्स और आसान ईएमआई (EMI) के विकल्पों ने कार खरीदना बेहद आसान बना दिया है। लेकिन अक्सर लोग जोश में आकर बिना बजट बनाए शोरूम पहुंच जाते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें बाद में हर महीने अपनी जेब खाली करके भुगतना पड़ता है। वित्तीय विशेषज्ञों (Financial Experts) का मानना है कि कार खरीदना सिर्फ एक बार का खर्चा नहीं है, बल्कि यह आपके आने वाले कई सालों के मंथली बजट को प्रभावित करता है। इसलिए, नई गाड़ी की चाबी हाथ में लेने से पहले आपको अपने बैंक खाते और वित्तीय स्थिति का पूरा आकलन करना चाहिए, ताकि बाद में कार आपके लिए संपत्ति के बजाय एक मानसिक बोझ न बन जाए।

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कितनी चाहिए डाउन पेमेंट?

कार खरीदने की प्लानिंग करते समय सबसे पहला और बुनियादी नियम यह है कि आपके पास डाउन पेमेंट (Down Payment) के लिए पर्याप्त बचत होनी चाहिए। हालांकि, आज के समय में कई बैंक और फाइनेंस कंपनियां 'जीरो डाउन पेमेंट' या 100% ऑन-रोड फंडिंग का लालच देती हैं, लेकिन इस जाल में फंसने से बचना चाहिए। आप जितना कम डाउन पेमेंट करेंगे, आपका लोन अमाउंट उतना ही बड़ा होगा और आपको उतना ही ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ेगा। एक समझदारी भरा वित्तीय नियम यह कहता है कि कार की कुल ऑन-रोड कीमत का कम से कम 20 प्रतिशत हिस्सा आपको अपनी जेब से (डाउन पेमेंट के रूप में) देना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर आप 10 लाख रुपये की कार खरीद रहे हैं, तो आपके पास कम से कम 2 लाख रुपये नकद होने चाहिए। बाकी के 80 प्रतिशत हिस्से के लिए ही आपको लोन का विकल्प चुनना चाहिए।

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