अमेरिका-ईरान में लड़ाई, भारत में तबाही! 26 फरवरी से अब तक बाजार में 31 लाख करोड़ डूबे

पश्चिम एशिया में यूएस-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध भारतीय निवेशकों पर भारी पड़ रहा है। 26 फरवरी के बाद से 9 मार्च तक 7 करोबारी सत्र के दौरान भारतीय बाजार से करीब 31 लाख करोड़ की पूंजी साफ हो चुकी है।

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुई लड़ाई, भारतीय बाजार के निवेशकों पर भारी पड़ रही है। 26 फरवरी के बाद से अब तक भारतीय बाजार के मार्केट कैप में 31 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई बेतहाशा तेजी है।

Rs 31 Lakh Crore Wiped out

बाजार की गिरावट से बड़ा नुकसान

क्यों आई बाजार में तबाही?

भारत एक नेट एनर्जी इम्पोर्टिंग देश है। अपनी जरूरत का करीब 80-90 फीसदी क्रूड भारत आयात करता है। पिछले दिनों अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर भारत ने रूसी तेल की खरीद कम की और खाड़ी देशों से आयात बढ़ाया और करीब 50 फीसदी आयात खाड़ी देशों से करने लगा। लेकिन, ईरान की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट को बंद किए जाने की वजह से ग्लोबल क्रूड की सप्लाई बाधित हो गई है, जिससे महज 10 दिन के भीतर क्रूड की कीमत 65-70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 117 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में मजबूती की वजह से आयात और भी महंगा पड़ रहा है।

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