भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भारत के खजाने को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। RBI ने बताया कि 3 अक्टूबर, 2025 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 276 मिलियन डॉलर घटकर 699.96 बिलियन डॉलर रह गया। यह आंकड़ा 700 बिलियन डॉलर के स्तर से थोड़ा नीचे है। पिछले हफ्ते भी भंडार 2.334 बिलियन डॉलर घटकर 700.236 बिलियन डॉलर रह गया था। यानी लगातार दूसरे हफ्ते विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट देखी गई। इसका मुख्य कारण विदेशी मुद्रा भंडार में कमी है। वहीं पाकिस्तान के मुकाबले भारत का खजाना अभी भी काफी मजबूत है, लेकिन अंतर लगातार कम होता जा रहा है।
विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट
विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA) हैं, जो 4.049 बिलियन डॉलर घटकर 577.708 बिलियन डॉलर रह गईं। भारत के विदेशी भंडार में सिर्फ अमेरिकी डॉलर नहीं, बल्कि यूरो, पाउंड और येन जैसी करेंसी भी शामिल हैं। जब इन करेंसी की कीमतों में बदलाव होता है, तो इसका असर FCA पर भी पड़ता है। इस हफ्ते विशेष आहरण अधिकार (SDR) में थोड़ा इजाफा हुआ और यह 18.814 अरब डॉलर हो गया।
भारत अब भी मजबूत
IMF के पास भारत का आरक्षित भंडार मामूली गिरावट के साथ 4.6669 अरब डॉलर रह गया। हालांकि, यह मामूली गिरावट भारत की स्थिति को कमजोर नहीं करती। गोल्ड रिजर्व में बढ़त हुई और यह 3.753 अरब डॉलर बढ़कर 98.77 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
पाकिस्तान की स्थिति
पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार की बात करें तो 3 अक्टूबर, 2025 तक यह 14.42 अरब डॉलर तक पहुंच गया। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने बताया कि पिछले हफ्ते भी भंडार में मामूली बढ़त हुई थी। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट आई है, लेकिन यह अब भी दुनिया के सबसे बड़े भंडारों में शामिल है। पाकिस्तान का भंडार भारत के मुकाबले बहुत कम है और धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
