क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का इस्तेमाल करते हैं तो आपने Interest-Free Period के बारे में भी सुना होगा। इसका मतलब यह है कि कार्ड से की गई खरीदारी पर आपको तुरंत ब्याज नहीं देना पड़ता। लेकिन इसका फायदा तभी मिलता है, जब आप अपने क्रेडिट कार्ड का पूरा बकाया बिल तय तारीख तक चुका देते हैं। आइए जानते हैं Credit Card का Interest-Free Period कैसे काम करता है-
क्रेडिट कार्ड का इंटरेस्ट फ्री पीरियड कैसे करता है काम (Photo: iStock)
Interest-Free Period क्या होता है?
आसान भाषा में समझें तो क्रेडिट कार्ड कंपनी आपको खरीदारी के लिए कुछ समय देती है, जिसमें उस खरीदारी पर ब्याज नहीं लगता। यह अवधि हर कार्ड में एक जैसी नहीं होती, क्योंकि यह कार्ड की बिलिंग साइकिल और पेमेंट ड्यू डेट पर निर्भर करती है।
उदाहरण के लिए मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड की बिलिंग साइकिल महीने की 1 तारीख से 30 तारीख तक है। आपने 5 तारीख को 10,000 रुपये की खरीदारी की। 30 तारीख को आपका बिल बनेगा और बैंक आपको पेमेंट के लिए एक ड्यू डेट देगा। अगर आप उस तारीख तक पूरा 10,000 रुपये चुका देते हैं, तो सामान्य खरीदारी पर ब्याज नहीं लगेगा। यानी खरीदारी और पेमेंट के बीच मिलने वाला समय ही Interest-Free Period का हिस्सा है।
बिलिंग साइकिल को समझना जरूरी
Interest-Free Period समझने के लिए सबसे पहले Billing Cycle को समझना जरूरी है। बिलिंग साइकल वह नियमित अवधि है, जिसके दौरान आपके क्रेडिट कार्ड के सभी ट्रांजैक्शन एक बिल में शामिल होते हैं।
मान लीजिए आपका बिल हर महीने की 30 तारीख को बनता है। अगर आपने 2 तारीख को खरीदारी की है, तो आपको उस खर्च के लिए ज्यादा समय मिल सकता है। वहीं अगर आपने 29 तारीख को खरीदारी की है, तो वह अगले दिन बनने वाले बिल में शामिल हो सकती है और आपको पेमेंट के लिए कम समय मिलेगा।
इसलिए एक ही क्रेडिट कार्ड पर अलग-अलग तारीखों में खरीदारी करने पर Interest-Free Period की वास्तविक अवधि अलग हो सकती है।
पूरा बिल चुकाना सबसे जरूरी
Interest-Free Period का फायदा उठाने के लिए केवल मिनिमम ड्यू अमाउंट (Minimum Amount Due) चुकाना काफी नहीं होता। अगर आप ड्यू डेट तक पूरा बकाया नहीं चुकाते हैं तो ब्याज-मुक्त अवधि खत्म हो सकती है और बकाया रकम पर ब्याज लग सकता है। यही वजह है कि क्रेडिट कार्ड के बिल में दिखने वाले मिनिमम ड्यू अमाउंट को पूरा बिल समझना गलती हो सकती है।
पिछला बिल बकाया है तो क्या होगा?
अगर पिछले महीने का क्रेडिट कार्ड बिल पूरी तरह नहीं चुकाया गया है, तो Interest-Free Period का फायदा प्रभावित होता है। पिछले महीने का कोई बकाया रहने पर ब्याज-मुक्त अवधि निलंबित हो जाती है।
