Real Estate News : जनवरी-मार्च तिमाही में भारत के आठ प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की गिरावट आई, जो 98,095 यूनिट्स तक सीमित हो गई। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी प्रॉपटाइगर के अनुसार, इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण ऊंची कीमतें और नई परियोजनाओं की सीमित पेशकश हैं। संपत्ति की बढ़ती कीमतें और धीमी वृद्धि दर ने खरीदारों को सतर्क बना दिया है, जिसके परिणामस्वरूप बाजार में सुस्ती देखी गई।
देश में घरों की बिक्री घटी (तस्वीर-Canva)
नई परियोजनाओं के ऑफर में कमी
प्रॉपटाइगर की रिपोर्ट ‘रियल इनसाइट’ में बताया गया कि कैलेंडर वर्ष 2025 की पहली तिमाही में नई परियोजनाओं की पेशकश में 10 प्रतिशत की गिरावट आई। डेवलपर्स ने बाजार की अनिश्चितताओं को देखते हुए समायोजन बैठाने की कोशिश की, जिसके चलते नई परियोजनाओं की संख्या में कमी आई। ध्रुव अग्रवाल, प्रॉपटाइगर के सीईओ, ने कहा कि कीमतों में भारी उछाल और वैश्विक व्यापार युद्ध के कारण बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना है, जो खरीदारों को सतर्क रुख अपनाने के लिए मजबूर करता है।
विभिन्न शहरों में बिक्री की स्थिति
विभिन्न प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है। बेंगलुरु और चेन्नई ही दो शहर हैं जहां बिक्री में वृद्धि देखने को मिली। बेंगलुरु में बिक्री 13 प्रतिशत बढ़कर 11,731 इकाई रही, जबकि चेन्नई में आठ प्रतिशत बढ़ोतरी हुई और बिक्री 4,774 इकाई तक पहुंच गई।
वहीं, अहमदाबाद में 17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,730 इकाइयां बिकीं, दिल्ली-एनसीआर में 16 प्रतिशत की कमी आई और बिक्री 8,477 इकाई रही। हैदराबाद में 26 प्रतिशत की गिरावट आई, कोलकाता में एक प्रतिशत की कमी आई, और मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में 26 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जो 30,705 इकाई रही। पुणे में भी 25 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे बिक्री 17,228 इकाई रही।
नई परियोजनाओं के ऑफर में गिरावट
समीक्षाधीन अवधि में, नई परियोजनाओं की पेशकश में भी 10 प्रतिशत की गिरावट आई। 1,03,020 इकाइयों से घटकर यह संख्या 93,144 इकाई रह गई। यह आंकड़ा केवल नए मकानों की बिक्री से संबंधित है और इसमें पुराने मकानों की पुनः बिक्री शामिल नहीं है।
निष्कर्ष
इस अवधि में घरों की बिक्री में गिरावट को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि ऊंची कीमतें, सीमित नई परियोजनाओं की पेशकश और वैश्विक अनिश्चितताओं ने रियल एस्टेट क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। आने वाले समय में यह क्षेत्र और अधिक समायोजन की ओर बढ़ सकता है, जिससे खरीदारों के लिए नए अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।
