जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री ने टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में GST रेट कट और भारत की इकोनॉमी को लेकर बड़ी बात कही है। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने साफ कहा कि जीएसटी रेट कट का सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा और अर्थव्यवस्था को इससे नई रफ्तार मिलेगी।
आम आदमी को मिलेगा फायदा
इंटरव्यू में पूछे गए सवाल पर कि “क्या आम आदमी को वाकई राहत मिलेगी?” वित्त मंत्री ने जवाब दिया, “बिलकुल, जब रोजमर्रा की जरूरत की चीजों जैसे ग्रॉसरी, कपड़े, साबुन और तेल पर टैक्स घटेगा, तो महंगाई में कमी आएगी। लोगों की जेब पर बोझ कम होगा और उनकी बचत बढ़ेगी।”
जब इंटरव्यू में ने पूछा गया कि “व्यापार और उद्योग जगत के लिए ये बदलाव कितने अहम हैं?” तो सीतारमण ने कहा, “अब सिर्फ दो मुख्य स्लैब 5% और 18% रह जाएंगे। इससे टैक्स सिस्टम और पारदर्शी होगा। कारोबारियों के लिए अनुपालन आसान होगा और कंज्यूमर गुड्स से लेकर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तक को फायदा होगा।”
इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि टैक्स दरों में कमी से खपत और मांग दोनों में तेजी आएगी। उन्होंने कहा, “जब लोग ज्यादा खरीदारी करेंगे तो उत्पादन भी बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। यही वजह है कि हम कह रहे हैं कि यह सुधार महंगाई को कम करेगा और अर्थव्यवस्था को गति देगा।” कुल मिलाकर, सीतारमण ने नाविका कुमार से बातचीत में यह स्पष्ट कर दिया कि जीएसटी स्लैब में कटौती आम आदमी से लेकर उद्योग जगत तक सभी के लिए फायदेमंद साबित होगी।
2028 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
इंटरव्यू के दौरान वित्त मंत्री ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा दावा भी किया। उन्होंने कहा, “भारत की इकोनॉमी पटरी पर है और 2028 तक यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकती है।”
