GSTN Under PMLA: मंगलवार 11 जुलाई को जीएसटी काउंसिल (GST Council) की 50वीं बैठक हुई। जीएसटी काउंसिल की इस बैठक में कई वस्तुओं और सर्विसेज पर जीएसटी रेट कम की गई। वहीं कुछ चीजों को जीएसटी से छूट भी दी गई। हालांकि कुछ चीजों पर जीएसटी रेट बढ़ाई भी गई है।
ऑनलाइन गेमिंग (Online Gaming) समेत कुछ उद्योगों पर जीएसटी लगाने का भी फैसला किया गया। इसके साथ ही वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) को धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money-laundering Act) या पीएमएलए के दायरे में लाने का फैसला किया गया। हालांकि ये फैसला बिना किसी फॉर्मल चर्चा के लिया गया, जिस पर विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों ने चिंता जताई। मगर माना जा रहा है कि इस फैसले के कई फायदे होंगे।
टैक्स चोरी पर लगेगी लगाम
जीएसटीएन को पीएमएलए के तहत लाने से टैक्स चोरी करने वालों पर तेजी से कार्रवाई हो सकेगी। इससे टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी। वहीं ईडी (ED) की जांच के जरिए टैक्स चोरी की रिकवरी भी तेजी से की जाएगी। टैक्स चोरी करने वालों पर नकेल तो कसेगी ही साथ ही उन पर कड़ी नजर भी रखी जा सकेगी। बाकी क्या फायदे होंगे, जानने के लिए ये वीडियो देखें...
