भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। फरवरी 2026 में देश का कुल वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार, सरकार को फरवरी में कुल 1.83 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ है। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 8.1 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी है। चालू वित्त वर्ष (FY26) में अब तक का कुल ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 20.27 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो आर्थिक गतिविधियों में तेजी का स्पष्ट संकेत देता है।
घरेलू और आयात राजस्व में उछाल
फरवरी महीने के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो घरेलू राजस्व में 5.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे यह बढ़कर करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही, आयात (Import) से मिलने वाला राजस्व भी 17.2 प्रतिशत बढ़कर 47,837 करोड़ रुपये रहा है। इससे पता चलता है कि देश में न केवल घरेलू कारोबार बढ़ रहा है, बल्कि विदेशी व्यापार में भी मजबूती आई है। हालांकि, इस दौरान रिफंड की रकम में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुल रिफंड सालाना आधार पर 10.2 प्रतिशत बढ़कर 22,595 करोड़ रुपये रहा है। इन सब को समायोजित करने के बाद, कुल शुद्ध जीएसटी कलेक्शन 1.61 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है, जो साल-दर-साल 7.9 प्रतिशत अधिक है।
जीएसटी कलेक्शन का हाल
जीएसटी राजस्व के राज्य-वार बंटवारे में मिली-जुली तस्वीर देखने को मिली है। महाराष्ट्र ने इस मामले में फिर से बाजी मारी है। महाराष्ट्र ने 10,286 करोड़ रुपये के साथ टैक्स में सबसे ज्यादा योगदान दिया है, जिसके बाद कर्नाटक और गुजरात का स्थान आता है। अगर 'पोस्ट-सेटलमेंट SGST' के आधार पर देखें तो हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में जीएसटी राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके विपरीत, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर में राजस्व में गिरावट देखने को मिली है।
विशेष बात यह है कि इस साल फरवरी में नेट सेस (Net Cess) राजस्व 5,063 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल फरवरी के 13,481 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी कम है। सरकार ने कारोबारी साल 2026 के लिए कुल जीएसटी कलेक्शन में 11 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है। इसमें सेंट्रल जीएसटी और कंपेंसेशन सेस सहित कुल 11.78 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व अनुमानित है। कुल मिलाकर, जीएसटी का यह मजबूत आंकड़ा देश की आर्थिक स्थिरता और विकास का सूचक है।
