भारतीयों की थाली की सबसे जरुरी सब्जी यानी टमाटर एक बार फिर सुर्खियों में है, और इस बार वजह है इसकी आसमान छूती कीमतें। पिछले कुछ हफ्तों से देश के अलग-अलग हिस्सों में टमाटर के दाम बेतहाशा बढ़ रहे हैं, जिससे आम आदमी की थाली का स्वाद बिगड़ने के साथ-साथ घर का बजट भी पूरी तरह डगमगा गया है। कई शहरों में टमाटर के दाम आम उपभोक्ताओं की पहुंच से दूर होते जा रहे थे। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत एक्शन मोड में आते हुए एक बड़ा और राहत भरा कदम उठाने का फैसला किया है।
लाइव मिंट की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार टमाटर की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और आम जनता को इस भारी महंगाई से तुरंत राहत देने के लिए बेहद सस्ते और सबसिडी वाले दामों पर टमाटरों की खुदरा बिक्री (Subsidized Tomato Sales) शुरू करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। आइए जानते सरकार की यह नई योजना क्या है, टमाटर इतने महंगे क्यों हुए और आपको ये सस्ते टमाटर कहां और कैसे मिलेंगे।
क्यों लगी टमाटर की कीमतों में आग?
दरअसल, इसके पीछे मुख्य वजह मौसम का मिजाज और देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों से होने वाली सप्लाई चेन का प्रभावित होना माना जा रहा है। अत्यधिक गर्मी और कुछ इलाकों में हुई बेमौसम बारिश की वजह से टमाटर की तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे मंडियों में इसकी आवक अचानक बहुत कम हो गई है। जब बाजार में किसी चीज की मांग बहुत ज्यादा हो और उसकी सप्लाई (आपूर्ति) घट जाए, तो कीमतों का बढ़ना स्वाभाविक है। इसी कमी का फायदा उठाकर कुछ जगहों पर जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आ रही थीं, जिसने आग में घी का काम किया और खुदरा बाजारों में टमाटर के दाम आम लोगों की जेब पर भारी पड़ने लगे।
सस्ते रेट में टमाटर बेचेगी सरकार
इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने जो मास्टर प्लान तैयार किया है, उसके तहत देश के उन सभी बड़े शहरों और हॉटस्पॉट्स को चिह्नित किया गया है जहां टमाटर की कीमतें सबसे ज्यादा बढ़ी हैं। केंद्र सरकार अपने नोडल उपभोक्ता संगठनों जैसे एनसीसीएफ (NCCF - National Cooperative Consumers' Federation of India) और नेफेड (NAFED) के विशाल नेटवर्क का इस्तेमाल करने जा रही है। इन सरकारी सहकारी समितियों के माध्यम से प्रमुख शहरों के मुख्य बाजारों, रिहायशी कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष मोबाइल वैन (Mobile Vans) भेजी जाएंगी। इसके अलावा इन संस्थाओं के आउटलेट्स पर भी सीधे किसानों से खरीदे गए ताजा टमाटरों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इन सरकारी केंद्रों पर मिलने वाले टमाटरों की कीमत खुले बाजार या सामान्य सब्जी मंडियों के मुकाबले काफी कम और किफायती होगी।
सरकार की इस सबसिडी वाली बिक्री का सीधा और बड़ा असर खुदरा बाजार पर देखने को मिलेगा। जब सरकार खुद सस्ते दामों पर भारी मात्रा में टमाटर बाजार में उतारेगी, तो खुले बाजार के व्यापारियों और बिचौलियों को भी अपनी कीमतें कम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इससे न केवल जमाखोरों के मनसूबे पस्त होंगे, बल्कि कृत्रिम रूप से बढ़ाई गई कीमतों पर भी तुरंत ब्रेक लगेगा। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, इस योजना को तब तक जारी रखा जाएगा जब तक कि नई फसल की आवक पूरी तरह शुरू नहीं हो जाती और खुले बाजार में टमाटर के थोक और खुदरा दाम पूरी तरह से सामान्य और स्थिर नहीं हो जाते। यह कदम सीधे तौर पर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को बहुत बड़ी वित्तीय राहत देने वाला साबित होगा।
