Windfall Tax Cut : सरकार ने 1 अक्टूबर से डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर विंडफाल टैक्स घटा दिया है। डीजल एक्सपोर्ट पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस समेत कुल लेवी अब ₹16 प्रति लीटर होगी, जो पहले ₹20 थी। वहीं, ATF एक्सपोर्ट पर ड्यूटी ₹15 से घटाकर ₹10.5 प्रति लीटर कर दी गई है। दूसरी तरफ पेट्रोल एक्सपोर्ट पर ड्यूटी ₹0.5 प्रति लीटर पर ही बरकरार रखी गई है। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी नोटिफिकेशन में नई दरों की जानकारी दी। ये संशोधित दरें 1 अक्टूबर से अगले पखवाड़े तक लागू रहेंगी। सरकार पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर विंडफाल टैक्स की समीक्षा हर 15 दिन में करती है।
विंडफाल टैक्स घटा
डीजल पर ₹4 और ATF पर ₹4.5 की कटौती
नई व्यवस्था के तहत डीजल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली लेवी में ₹4 प्रति लीटर की कटौती की गई है। वहीं ATF पर यह कमी ₹4.5 प्रति लीटर है।पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसकी दर ₹0.5 प्रति लीटर ही रहेगी।
| पेट्रोलियम प्रोडक्ट | पहले की ड्यूटी | 1 अक्टूबर से |
|---|---|---|
| डीजल एक्सपोर्ट | ₹20/लीटर | ₹16/लीटर |
| ATF एक्सपोर्ट | ₹15/लीटर | ₹10.5/लीटर |
| पेट्रोल एक्सपोर्ट | ₹0.5/लीटर | ₹0.5/लीटर |
पश्चिम एशिया संकट के बीच लगा टैक्स
सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच 27 मार्च से डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर यह लेवी लगाई थी। इसका मकसद घरेलू बाजार में फ्यूल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतों का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर एक्सपोर्ट को कम करना था। इसके बाद सरकार ने हर पखवाड़े अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और कीमतों को देखते हुए इस लेवी में बदलाव किया। 16 मई से पेट्रोल एक्सपोर्ट को भी विंडफाल टैक्स के दायरे में शामिल किया गया था।
हर 15 दिन में होती है समीक्षा
पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर विंडफाल टैक्स की दर स्थायी नहीं है। सरकार इसे अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतों में बदलाव को देखते हुए समय-समय पर संशोधित करती है। इसलिए 1 अक्टूबर से लागू हुई ये दरें भी अगले पखवाड़े की समीक्षा तक ही लागू रहेंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के आधार पर अगली समीक्षा में दरों में फिर बदलाव किया जा सकता है।
आपको क्या फायदा?
डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट लेवी घटने से इन प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट पर टैक्स बोझ कुछ कम हुआ है। इससे एक्सपोर्टर्स की लागत और मार्जिन पर असर पड़ सकता है। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल पेट्रोल और डीजल की टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और ग्लोबल एनर्जी मार्केट की स्थिति पर लगातार नजर बनी हुई है। हालांकि, यह संकेत देता है कि क्रूड के दाम में नरमी आ रही है।
