IndiGo Cancellation Flight Refund : इंडिगो एयरलाइन की उड़ानों में लगातार रद्द होने और देरी के कारण हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार को एयरलाइन ने 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द कीं, जबकि शनिवार को पांचवें दिन भी उड़ानों का व्यवधान जारी रहा। इसके चलते यात्रियों को हवाई अड्डों पर लंबी प्रतीक्षा और असुविधा का सामना करना पड़ा। इस मामले में नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन को निर्देश दिया कि रद्द की गई उड़ानों के टिकट का रिफंड रविवार शाम तक पूरा किया जाए। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि रिफंड प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या गैर-अनुपालन पर तत्काल नियामक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने इंडिगो से रद्द उड़ानों के लिए रिफंड प्रक्रिया रविवार शाम तक पूरी करने को कहा (तस्वीर-istock)
रिफंड की समयसीमा
न्यूज एजेंंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मंत्रालय ने कहा कि सभी रद्द या बाधित उड़ानों के लिए रिफंड की प्रक्रिया रविवार रात 8 बजे तक पूरी करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यात्रियों को उनके पैसे समय पर वापस मिल जाएं और उन्हें अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े।
यात्रियों के छूटे सामान की सुरक्षा
मंत्रालय ने एयरलाइन को निर्देश दिया कि उड़ान रद्द या देरी होने के कारण यात्रियों का छूटा सामान अगले 48 घंटों में उन्हें पहुंचाया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि यात्री अपनी व्यक्तिगत चीजों से लंबे समय तक वंचित न रहें।
पुनर्निर्धारण शुल्क में छूट
सरकार ने एयरलाइन को यह भी निर्देश दिया कि जिन यात्रियों की यात्रा रद्द होने से प्रभावित हुई है, उनसे कोई पुनर्निर्धारण शुल्क न लिया जाए। इससे प्रभावित यात्रियों को अतिरिक्त वित्तीय बोझ से राहत मिलेगी।
विशेष सहायता केंद्र की स्थापना
इंडिगो को यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रियों के लिए हवाई अड्डों और अन्य स्थानों पर विशेष सहायता और रिफंड सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएं। यह कदम यात्रियों की समस्याओं को तेजी से हल करने में मदद करेगा।
स्वचालित रिफंड प्रणाली
मंत्रालय ने कहा कि जब तक एयरलाइन का परिचालन पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाता, स्वचालित रिफंड प्रणाली चालू रहेगी। इससे यात्री अपने रिफंड के लिए लंबी प्रतीक्षा में नहीं रहेंगे और उन्हें तुरंत सहायता मिलेगी।
मंत्रालय की सख्ती
नागर विमानन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अगर एयरलाइन रिफंड और सामान वितरण के निर्देशों का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ तत्काल कड़े कदम उठाए जाएंगे। मंत्रालय का उद्देश्य यात्रियों को राहत और सुविधाजनक सेवा सुनिश्चित करना है।
