गन्ना किसानों को तोहफा, केंद्र सरकार ने FRP 10 रुपये बढ़ाकर 315 रुपये किया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 28, 2023, 04:38 PM IST

Government Increase FRP Of Sugar Cane:एफआरपी वह न्यूनतम रेट होता है जिसके आधार पर चीनी मिलों को गन्ना किसानों को पेमेंट करना होगा है। गन्ने पर केंद्र सरकार द्वारा तय किए जाने वाले FRP के अलावा राज्य सरकारें भी राज्य परामर्श मूल्य (SAP) भी घोषित करती हैं। जो कि आम तौर पर केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए FRP से ज्यादा होता है।

Government Increase FRP Of Sugar Cane:केंद्र सरकार ने बुधवार गन्ना किसानों को FRP बढ़ोतरी का तोहफा दिया है। सरकार ने 2023-24 सीजन के लिये गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 315 रुपये कर दिया है। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इस संबंध में फैसला किया है। एफआरपी में बढ़ोतरी का मतलब है कि किसानों को अब गन्ने पर ज्यादा कमाई होगी। मोदी साल के पिछले 9 साल के कार्यकाल में गन्ने के FRP में 105 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। साल 2014-15 में गन्ने का FRP, 201 रुपये प्रति क्विंटल था।

Sugarcane FRP Cabinet

केंद्र सरकार ने गन्ने का एफआरपी बढ़ाया

अक्टूबर से शुरु होता है गन्ने का सीजन

एफआरपी वह न्यूनतम रेट होता है जिसके आधार पर चीनी मिलों को गन्ना किसानों को पेमेंट करना होगा है। इस फैसले पर जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने गन्ने का न्यूनतम मूल्य बढ़ाने का फैसला किया। सत्र 2023-24 के लिये गन्ने का एफआरपी 315 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।पिछले सत्र में गन्ने का न्यूनतम मूल्य 305 रुपये प्रति क्विंटल था। ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा ‘अन्नदाता’ के साथ हैं। सरकार हमेशा कृषि और किसानों को प्राथमिकता देती रही है।उन्होंने कहा कि गन्ने का न्यूनतम मूल्य 2014-15 में 210 रुपये प्रति क्विंटल था। अब वह बढ़कर 2023-24 में 315 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।

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