Fertilizer Subsidy:सरकार ने आगामी खरीफ सत्र के लिए फॉस्फेटिक एवं पोटाश (पीएंडके) उर्वरकों पर 24,420 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने की बृहस्पतिवार को घोषणा की। सरकार ने कहा है कि किसानों को प्रमुख पोषक तत्व डीएपी 1,350 रुपये प्रति क्विंटल के दाम पर मिलती रहेगी। उसका कहना है कि डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) के साथ दूसरी प्रमुख पीएंडके उर्वरकों की खुदरा कीमतें स्थिर बनी रहेंगी। इसके पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पीएंडके उर्वरकों पर एक अप्रैल से 30 सितंबर तक के खरीफ सत्र के लिए 'पोषक तत्व-आधारित सब्सिडी' (एनबीएस) दरें तय करने के लिए उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने एनबीएस योजना के तहत तीन नए उर्वरक ग्रेड को शामिल करने को भी मंजूरी दी है।
खरीफ सीजन के लिए फैसला
जानें किस पर कितनी सब्सिडी
आगामी खरीफ सत्र के लिए नाइट्रोजन (एन) पर सब्सिडी 47.02 रुपये प्रति किलोग्राम, फॉस्फेटिक (पी) पर 28.72 रुपये प्रति ग्राम, पोटाश (के) पर 2.38 रुपये प्रति किलोग्राम और सल्फर (एस) पर 1.89 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "खरीफ सत्र के लिए उर्वरक सब्सिडी बढ़ाए जाने से किसानों को उर्वरक रियायती दर पर उर्वरक मिल पाएगी। इससे कृषि लागत में कमी आने के साथ किसानों पर बोझ भी कम होगा।सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंत्रिमंडल में लिए गए इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा, एक अप्रैल से 30 सितंबर तक के खरीफ सत्र 2024-25 के लिए पीएंडके उर्वरकों पर 24,420 करोड़ रुपये की पोषक तत्व-आधारित सब्सिडी को मंजूरी दी गई है।
फॉस्फेटिक उर्वरकों पर सब्सिडी रबी सत्र 2023 के 20.82 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर खरीफ सत्र 2024 के लिए 28.72 रुपये प्रति किलोग्राम कर दी गई है। हालांकि, ख़रीफ सत्र 2024 के लिए नाइट्रोजन (एन), पोटाश (के) और सल्फर (एस) पर सब्सिडी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
फैसले का क्या होगा असर
ठाकुर ने कहा कि इस सब्सिडी के साथ 1,350 रुपये प्रति बोरी (50 किलोग्राम) पर बेची जा रही डीएपी आगामी खरीफ सत्र में भी उसी भाव पर उपलब्ध होगी।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) भी 1,670 रुपये प्रति बोरी और एनपीके 1,470 रुपये प्रति बोरी के रेट पर मिलेगी।
इसके अलावा डीएपी पर आयात निर्भरता को कम करने के लिए मंत्रिमंडल ने एनबीएस योजना के तहत तीन नए उर्वरक ग्रेड को शामिल करने को भी मंजूरी दी। उर्वरक कंपनियों को अनुमोदित और अधिसूचित दरों के अनुरूप सब्सिडी दी जाएगी ताकि किसानों को सस्ती कीमतों पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में जनवरी तक उर्वरक सब्सिडी के रूप में लगभग 1.71 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं।वित्त वर्ष 2024-25 के लिए, सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए 1.89 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले 1.64 लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी आवंटित की है।
