Gold vs Silver : वैश्विक बाजारों में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार को दोनों धातुओं में हल्की तेजी दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद दोनों कीमती धातुएं हाल के महीनों में दबाव में रही हैं। ऐसे में निवेशकों के बीच यह बड़ा सवाल बन गया है कि साल 2026 के दूसरे हिस्से (H2 CY26) में सोना बेहतर रहेगा या चांदी।
सोना और चांदी किसमें मिलेगा ज्यादा रिटर्न
सोना-चांदी की मौजूदा कीमतों का हाल
घरेलू बाजार में MCX पर अगस्त वायदा सोने की कीमत 1,42,530 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंची, जबकि चांदी सितंबर वायदा 2,25,663 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना लगभग $4,026 प्रति औंस और चांदी $58.88 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में सोने में करीब 11% और चांदी में इससे भी ज्यादा गिरावट देखी गई है। खासकर चांदी ने अधिक तेज गिरावट दर्ज की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें:- सोने का ताजा भाव, 1 जुलाई 2026
साल 2026 में अब तक का प्रदर्शन
2026 के पहले छह महीनों में सोने की कीमतों में करीब 7% की गिरावट आई है, जबकि चांदी में 16% से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई है। घरेलू बाजार में जहां सोना हल्की बढ़त में रहा, वहीं चांदी ने निगेटिव रिटर्न दिखाया है। इससे निवेशकों का रुझान दोनों धातुओं को लेकर अलग-अलग हो गया है। टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें:- चांदी का ताजा भाव, 1 जुलाई 2026
बाजार पर दबाव के कारण
कीमती धातुओं में कमजोरी का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें हैं। भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती महंगाई ने भी बाजार पर असर डाला है। निवेशक अब यह अनुमान लगा रहे हैं कि अमेरिकी फेड इस साल कई बार ब्याज दरें बढ़ा सकता है, जिससे सोने-चांदी पर दबाव बना रह सकता है।
एक्सपर्ट्स की राय
एक्सपर्ट्स का मानना है कि H2 (Year का Second Half) CY26 (Calendar Year 2026) में चांदी में सोने की तुलना में ज्यादा तेजी देखने को मिल सकती है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, चांदी की मांग अब सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग तेजी से बढ़ते सेक्टर्स जैसे सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स में भी हो रहा है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि चांदी में गिरावट के बाद एक मजबूत रिकवरी देखने को मिल सकती है और यह आने वाले महीनों में बेहतर रिटर्न दे सकती है।
सोना: सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प
हालांकि चांदी में ज्यादा रिटर्न की संभावना बताई जा रही है, लेकिन सोना अभी भी सुरक्षित निवेश (safe haven) माना जाता है। आर्थिक संकट, महंगाई या वैश्विक तनाव के समय सोना निवेशकों को स्थिरता प्रदान करता है। केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी भी सोने को सपोर्ट देती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोना भले ही कम रिटर्न दे, लेकिन यह पोर्टफोलियो को स्थिर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?
एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि आक्रामक निवेशक चांदी में ज्यादा हिस्सेदारी लेकर बेहतर रिटर्न की कोशिश कर सकते हैं, जबकि सुरक्षित निवेश चाहने वालों के लिए सोना बेहतर विकल्प है। संतुलित निवेश रणनीति अपनाना सबसे समझदारी भरा कदम माना जा रहा है।
दोनों धातुओं में अलग-अलग भूमिका
H2 CY26 में चांदी में ज्यादा तेजी की संभावना जताई जा रही है, जबकि सोना स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करता रहेगा। इसलिए निवेशकों के लिए सही रणनीति यही है कि जोखिम और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखते हुए सोना और चांदी में संतुलित निवेश किया जाए।
