Godrej Split:साबुन और घरेलू उपकरणों से लेकर रियल एस्टेट तक फैले 127 साल पुराने गोदरेज समूह के संस्थापक परिवार ने ग्रुप में बंटवारे के समझौते का फॉर्मूला तय कर लिया है।इस समझौते के तहत आदि गोदरेज और उनके भाई नादिर को गोदरेज इंडस्ट्रीज का अधिकार मिला है, जिसकी पांच लिस्टेड कंपनियां हैं। जबकि आदि गोदरेज के चचेरे भाई-बहन जमशेद और स्मिता को नॉन लिस्टेड कंपनी गोदरेज एंड बॉयस और उससे संबंधित कंपनियों के साथ-साथ मुंबई में महत्वपूर्ण संपत्ति सहित जमीन का बड़ा हिस्सा मिल रहा है।
गोदरेज में बंटवारा
किस तरह होगा बंटवारा
गोदरेज समूह द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक समूह को संस्थापक परिवार की दो शाखाओं के बीच विभाजित किया गया है। इसमें एक तरफ आदि गोदरेज (82) और उनके भाई नादिर (73) तथा दूसरी तरफ उनके चचेरे भाई-बहन जमशेद गोदरेज (75) और स्मिता गोदरेज कृष्णा (74) हैं। गोदरेज परिवार ने बयान में बंटवारे को गोदरेज कंपनियों में शेयरधारिता का ‘‘स्वामित्व पुनगर्ठन’’ बताया है। बयान में कहा गया कि दोनों समूह गोदरेज ब्रांड का उपयोग जारी रखेंगे और अपनी साझा विरासत को बढ़ाने और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ये 5 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड
गोदरेज इंडस्ट्रीज
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट
गोदरेज एग्रोवेट
एस्टेक लाइफ साइसेंस
गोदरेज प्रॉपर्टीज
(इनकी वैल्युएशन 18 अप्रैल को 2.74 लाख करोड़ थी)
ताले बनाने से शुरू हुआ था गोदरेज
2.34 लाख करोड़ रु की वैल्यूएशन वाले गोदरेज ग्रुप (Godrej Group) की शुरुआत 1897 में हुई थी। गोदरेज ग्रुप की शुरुआत ताले बेचने से हुई थी। इसी ग्रुप ने 1897 में भारत का पहला लीवर टेक्नोलॉजी वाला बनाया था। ग्रुप की शुरुआत दो भाइयों अर्देशिर गोदरेज (Ardeshir Godrej) और पिरोजशा बुरजोरजी गोदरेज (Pirojsha Burjorji Godrej) ने की थी।
किन सेक्टरों में फैला है गोदरेज ग्रुप का बिजनेस
आज गोदरेज ग्रुप कई सेक्टरों में कारोबार करता है, जिनमें इंजीनियरिंग, इक्विपमेंट, सिक्योरिटी सॉल्यूशंस, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स, रियल एस्टेट और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स शामिल हैं। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार इन सभी सेक्टरों में फैले कारोबार का बंटवारा किया जा सकता है।
