गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं मिलती। हर कोई अपने परिवार के साथ घूमने या गांव जाने की प्लानिंग में जुटा है, लेकिन इस सीजन में सबसे बड़ी सिरदर्दी होती है ट्रेन की कंफर्म टिकट मिलना। जैसे ही हम आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट या ऐप पर 'Waitlist' (Waiting List) लिखा देखते हैं, दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं कि टिकट कंफर्म होगी या नहीं। भारतीय रेलवे में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के मन में हमेशा यह सवाल घूमता है कि अलग-अलग तरह की वेटिंग लिस्ट में से सबसे पहले कौन सी टिकट क्लियर होती है? GNWL (General Waitlist) और TQWL (Tatkal Waitlist) को लेकर लोग सबसे ज्यादा कंफ्यूज रहते हैं।
GNWL या TQWL कौन सी टिकट पहले कंफर्म होगी?
TQWL के मुकाबले GNWL टिकट के कंफर्म होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। यानी GNWL टिकट हमेशा पहले क्लियर होती है। रेलवे की तरफ से कोई आधिकारिक प्रायोरिटी लिस्ट नहीं है, लेकिन इसके पीछे एक सीधा लॉजिक काम करता है। जनरल कोटे (GNWL) में सीटों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। चूंकि लोग अपनी यात्रा हफ्तों या महीनों पहले प्लान करते हैं, इसलिए जनरल कोटे में टिकट कैंसिल होने की उम्मीद भी सबसे ज्यादा होती है। जैसे-जैसे लोग अपनी कंफर्म टिकट कैंसिल करते हैं, GNWL वाली वेटिंग फटाफट घटने लगती है।
TQWL यानी तत्काल की वेटिंग लिस्ट यात्रा से महज एक दिन पहले खुलती है। जो व्यक्ति इमरजेंसी में एक्स्ट्रा पैसे देकर तत्काल टिकट बुक कर रहा है, उसके टिकट कैंसिल करने के चांस न के बराबर होते हैं। तत्काल वेटिंग तभी कंफर्म होती है जब कोई दूसरा तत्काल टिकट वाला यात्री अपनी बुकिंग रद्द करे। यही वजह है कि TQWL सबसे बाद में क्लियर होती है और इसमें रिस्क बहुत ज्यादा होता है।
टिकट बुक करने से पहले कैसे चेक करें कंफर्मेशन चांस?
अगर आपको किसी ट्रेन में वेटिंग टिकट लेनी ही पड़ रही है, तो आंखें बंद करके बुकिंग न करें। इसके लिए आप इंडियन रेलवे के आधिकारिक 'RailOne' ऐप या IRCTC ऐप की मदद ले सकते हैं। जब आप ऐप पर अपनी ट्रेन और तारीख सर्च करते हैं, तो वेटिंग लिस्ट के ठीक बगल में 'CNF Probability' (कंफर्म होने की संभावना) का विकल्प दिखाई देता है। इस पर क्लिक करते ही आपको प्रतिशत (Percentage) में पता चल जाएगा कि आपकी टिकट कंफर्म होगी या नहीं।
वेटिंग टिकट लेते समय क्या ध्यान रखें?
यदि GNWL में कंफर्म होने की संभावना 80% से 85% या उससे ज्यादा दिख रही है, तो आप बेझिझक टिकट बुक कर सकते हैं; इसके क्लियर होने के पूरे चांस होते हैं। लेकिन अगर आप तत्काल (TQWL) में वेटिंग टिकट लेने की सोच रहे हैं, तो यह बहुत बड़ा जोखिम हो सकता है। ऐसे समय में तत्काल वेटिंग लेने से बेहतर है कि आप जनरल कोटे की ही वेटिंग टिकट ले लें, क्योंकि वह तेजी से आगे बढ़ेगी।
अपनी टिकट का स्टेटस देखने के लिए आप IRCTC, 'Where is My Train' या RailOne जैसे ऐप्स पर जाकर अपना 10 अंकों का PNR Status चेक कर सकते हैं। वैसे, टिकट कंफर्म होने पर रेलवे खुद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) भेजकर आपको कोच और बर्थ नंबर की जानकारी दे देता है।
