न गांव, न शहर! बनेगी तीसरी कैटेगरी, टाउन प्लानिंग में बड़े बदलाव की तैयारी में केंद्र सरकार : रिपोर्ट

देश की शहरी आबादी के आंकड़ों हकीकत में बड़ा फासला है। आंकड़ों के साथ ही नीतियों की विसंगति को दूर करने के लिए सरकार शहरीकरण को मापने और मैनेज करने के नए पैमाने बना रही है।

Functional Urban Settlements : तेजी से बदलते ग्रामीण और शहरी परिदृश्य को देखते हुए केंद्र सरकार एक बड़े नीतिगत बदलाव करने की तैयारी में है। देश में अभी तक किसी भी इलाके को केवल दो ही श्रेणियों 'ग्रामीण' (Rural) या 'शहरी' (Urban) में बांटा जाता है। लेकिन, अब सरकार इनके बीच की एक तीसरी नई कैटेगरी 'फंक्शनल अर्बन सेटलमेंट्स' (Functional Urban Settlements) बनाने पर विचार कर रही है।

Functional Urban Settlements

गांव शहर के बीच बनेगी तीसरी कैटेगरी

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) के एक अध्ययन में एक नए नेशनल सेटलमेंट क्लासिफिकेशन फ्रेमवर्क (National Settlement Classification Framework) की सिफारिश की है। इस रिपोर्ट को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा की तरफ से जारी किया गया है।

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