अमेरिका-ईरान समझौते के बाद भी ईंधन कीमतों में लंबे समय तक जारी रह सकता है उतार-चढ़ाव, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

इक्विरस का अनुमान है कि निकट भविष्य में कच्चे तेल की कीमतें 75-80 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में स्थिर हो जाएंगी, भले ही इस साल के आखिर में होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुल जाए, फिर भी कीमतों के 60-70 डॉलर के दायरे में लौटने की संभावना कम है।

अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दोबारा खुलने के संकेतों के बीच कच्चे तेल तथा तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि आपूर्ति बाधित होने, ऊर्जा ढांचों को हुए नुकसान और सीमित भंडार के कारण वैश्विक ईंधन बाजारों में आने वाले कई महीनों तक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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समझौते की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट। (फोटो क्रेडिट-iStock)

क्रिसिल इंटेलिजेंस के निदेशक सेहुल भट्ट ने कहा, ’’पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की संभावना से ईंधन बाजारों में तनाव जोखिम में भारी गिरावट आई है।’’ भट्ट ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, घरेलू ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी और उत्पादन शुल्क में कमी ने पेट्रोल तथा डीजल पर होने वाले नुकसान की काफी हद तक भरपाई कर दी है।

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