पेट्रोल-डीजल की महंगाई का चौतरफा वार! जानिए कैसे आपकी थाली से लेकर सफर, कपड़े और शॉपिंग तक सब कुछ होने जा रहा है महंगा

पेट्रोल-डीजल के दामों में 7.5 रुपए की बढ़ोतरी से आम जनता पर महंगाई का चौतरफा वार हुआ है। आपकी रसोई की थाली, दैनिक सफर, कपड़े और वीकेंड शॉपिंग सहित हर छोटी-बड़ी चीज अब बेहद महंगी होने जा रही है।

पेट्रोल डीजल (Petrol Diesel) के दाम 10 दिन में अबतक 7.5 रुपए तक बढ़ गए हैं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दामों में होने वाली बढ़ोतरी का सीधा असर सिर्फ वाहन चलाने वालों की जेब पर ही नहीं पड़ता, बल्कि इसका एक बड़ा चेन रिएक्शन होता है जो देश के हर नागरिक को प्रभावित करता है। जब भी ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं, तो आम आदमी को लगता है कि उसकी गाड़ी का माइलेज अब महंगा पड़ेगा, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा गंभीर है। ईंधन की यह महंगाई बहुत ही खामोशी से आपके घर के बजट में सेंध लगाती है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते ही परिवहन लागत (Transportation Cost) में भारी इजाफा हो जाता है, जिसका सीधा असर आपकी सुबह की चाय से लेकर रात के खाने की थाली, आपके पहनने वाले कपड़ों और सप्ताहांत की शॉपिंग तक पर दिखने लगता है। यह एक ऐसी चौतरफा मार है, जिससे मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास के परिवारों का पूरा महीने का बजट बिगड़ जाता है।

Petrol Diesel  Inflation

पेट्रोल डीजल महंगा होने से क्या क्या महंगा होगा?

ईंधन की इस महंगाई का सबसे पहला और तीखा प्रहार हमारी रसोई और खाने की थाली पर होता है। भारत में ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों की मंडियों तक फल, सब्जियां, अनाज, दूध और अन्य जरूरी खाद्य सामग्रियां मालगाड़ियों या ट्रकों के जरिए ही पहुंचाई जाती हैं। ये कमर्शियल वाहन डीजल से चलते हैं, इसलिए डीजल महंगा होते ही माल ढुलाई का किराया बढ़ जाता है। ट्रांसपोर्टर्स इस बढ़े हुए किराए का बोझ सीधे थोक और खुदरा व्यापारियों पर डालते हैं, और अंततः यह बोझ आम उपभोक्ता की जेब पर आता है। मंडियों में आलू, प्याज, टमाटर जैसी बुनियादी सब्जियों के दाम रातों-रात आसमान छूने लगते हैं। पैकेट बंद दूध, खाद्य तेल और दालों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं, जिससे आम आदमी की थाली से पौष्टिक चीजें दूर होने लगती हैं और गृहणियों को रसोई का बजट संभालने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है।

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