'हेल्थ' के नाम पर भ्रम का कारोबार? 14 कंपनियों पर FSSAI का शिकंजा, गुमराह करने वाले दावों पर सख्त कार्रवाई

Misleading Food Packaging: FSSAI ने Marico समेत 14 कंपनियों को ‘हेल्थ’ जैसे शब्दों के उपयोग, लेबलिंग और स्वास्थ्य दावों पर नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है, जिससे पैकेजिंग नियमों की जांच तेज हुई है।

Misleading Food Packaging : खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग में इस्तेमाल किए जा रहे ‘हेल्थ’ जैसे शब्द अब नियामक जांच के घेरे में आ गए हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने Marico समेत 14 कंपनियों को नोटिस जारी कर उनके उत्पादों के नाम, लेबलिंग और स्वास्थ्य संबंधी दावों पर स्पष्टीकरण मांगा है। नियामक संस्था का मानना है कि कुछ उत्पादों के ब्रांड नाम और प्रचार सामग्री उपभोक्ताओं को उत्पाद के वास्तविक गुणों के बारे में भ्रमित कर सकते हैं। Marico के खाद्य तेल ब्रांड ‘Health Pro’ को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। FSSAI ने पूछा है कि क्या ऐसा नाम उपभोक्ताओं को यह संदेश देता है कि उत्पाद सामान्य तेलों की तुलना में अधिक स्वास्थ्यवर्धक है और क्या इस दावे के समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक आधार मौजूद है। प्राधिकरण ने लेबलिंग नियमों के संभावित उल्लंघन की भी जांच शुरू की है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी उत्पाद के नाम या प्रचार में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल तभी किया जाना चाहिए, जब उसके समर्थन में स्पष्ट और प्रमाणित तथ्य उपलब्ध हों।

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आम, टोफू, नूडल्स, कुकिंग ऑयल, व्हे प्रोटीन, जूस और पैकेज्ड वॉटर समेत कई उत्पाद जांच के दायरे में

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब उपभोक्ता स्वास्थ्य के प्रति पहले से अधिक जागरूक हैं और कंपनियां भी अपने उत्पादों को ‘हेल्दी’ छवि के साथ बाजार में पेश कर रही हैं। FSSAI की इस पहल को खाद्य क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रामक दावों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर कंपनियों के जवाब और FSSAI की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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