Times Now Summit 2026 में अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग बूम से 25 लाख नौकरियां बनीं, जिनमें आधी महिलाएं हैं। साथ ही अमेरिका में बिकने वाला हर दूसरा iPhone अब भारत में बन रहा है। अश्विनी वैष्णव के मुताबिक भारत अब सिर्फ एक बड़ा कंज्यूमर मार्केट नहीं, बल्कि ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में बिकने वाला हर दूसरा iPhone अब भारत में तैयार हो रहा है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
उन्होंने कहा कि यह बदलाव संकेत देता है कि भारत तेजी से चीन के विकल्प के रूप में उभर रहा है। ग्लोबल टेक कंपनियां अब भारत को भरोसेमंद प्रोडक्शन बेस मान रही हैं, जिससे सप्लाई चेन में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
25 लाख नौकरियां, आधी महिलाएं
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग बूम का असर रोजगार के मोर्चे पर भी साफ दिख रहा है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 11 वर्ष में देशभर में 400 से ज्यादा फैक्ट्रियों के जरिए करीब 25 लाख लोगों को रोजगार मिला है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इनमें 50–55% महिलाएं शामिल हैं, जो इस सेक्टर को जेंडर इन्क्लूसिव ग्रोथ का मजबूत उदाहरण बनाता है। यह बदलाव दिखाता है कि मैन्युफैक्चरिंग अब केवल औद्योगिक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रही है।
एक दशक में बदली पूरी तस्वीर
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर तेजी से बदला है। देश में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर का उत्पादन 6 गुना बढ़कर ₹13 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है, जबकि एक्सपोर्ट 8 गुना बढ़ा है। जहां पहले भारत बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स आयात करता था, वहीं अब वह ग्लोबल बाजार में एक मजबूत एक्सपोर्टर बनता जा रहा है।
वैल्यू चेन में ऊपर चढ़ता भारत
भारत अब केवल असेंबली तक सीमित नहीं रहना चाहता। सरकार और इंडस्ट्री कंपोनेंट, मशीन (कैपिटल इक्विपमेंट) और मटेरियल मैन्युफैक्चरिंग पर भी फोकस कर रही हैं। यह रणनीति भारत को लंबे समय में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ ग्लोबल प्रतिस्पर्धा में आगे ले जा सकती है। 25 लाख नौकरियां और iPhone प्रोडक्शन का उछाल इस बात का संकेत है कि भारत की इकोनॉमी एक नए फेज में प्रवेश कर चुकी है। यहां ग्रोथ के साथ क्वालिटी, टेक्नोलॉजी और रोजगार तीनों पर जोर है, जो भारत को ग्लोबल इकोनॉमिक पावर बना सकता है।
