Mutual Fund vs Stocks: नए निवेशक अकसर ये विचार करते हैं कि म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में कहां शुरुआत की जाए। ये दोनों ही निवेश के अच्छे ऑप्शन माने जाते हैं। मगर कुछ ऐसी चीजे हैं, जो इन्हें एक-दूसरे से अलग बनाती हैं। इनमें रिटर्न की उम्मीद, रिस्क, डायवर्सिफिकेशन जैसे फैक्टर शामिल हैं। पहली बार निवेश करने वालों के लिए कुछ कारणों से म्यूचुअल फंड अक्सर सीधे शेयर बाजार में निवेश करने की तुलना में एक अच्छा विकल्प माने जाते हैं। यहां हम म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार की तुलना करेंगे।
शेयर बाजार में जोखिम अधिक
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डायवर्सिफिकेशन
1. कम जोखिम : म्यूचुअल फंड स्टॉक, बॉन्ड या अन्य सिक्योरिटी के अलग-अलग पोर्टफोलियो में निवेश करते हैं, जिससे किसी एक स्टॉक में निवेश करने का जोखिम कम हो जाता है।
2. विभिन्न सेक्टरों में फैलाव: म्यूचुअल फंड विभिन्न क्षेत्रों में सेक्टरों में निवेश करते हैं, जिससे किसी खास सेक्टर में मंदी का प्रभाव कम हो जाता है।
MF में कम है जोखिम
प्रोफेशनल मैनेजमेंट
1. एक्सपर्टाइज : म्यूचुअल फंड का मैनेजमेंट अनुभवी प्रोफेशनल द्वारा किया जाता है, जिन्हें बाजार और इंवेस्टमेंट स्ट्रेटेजीज की गहन जानकारी होती है।
2. रिसर्च और एनालिसिस : फंड मैनेजर निवेश संबंधी फैसला लेने से पहले रिसर्च और एनालाइज करते हैं।
करोड़पति बनने का तरीका
लॉन्ग टर्म में बनेंगे मालामाल
- म्यूचुअल फंड में निवेश के दो तरीके होते हैं। इनमें लम्प-सम और एसआईपी (SIP) शामिल हैं। लम्प-सम में आप एक साथ बड़ी रकम लगाते हैं। वहीं एसआईपी में आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करते हैं। एसआईपी के जरिए आप लॉन्ग टर्म में करोड़पति बन सकते हैं।
- म्यूचुअल फंड आम तौर पर लॉन्ग टर्म में कम से कम 12 फीसदी रिटर्न दे देते हैं। इतने रिटर्न के आधार पर यदि आप हर महीने सिर्फ 5000 रु का निवेश करते हैं तो 26 साल में निवेश की रकम रिटर्न समेत 1 करोड़ से अधिक हो सकती है।
- यदि रिटर्न 15 फीसदी रहे तो आप 22 साल में ही करोड़पति बन सकते हैं।
शेयरों में तेजी से कमाई का मौका
शेयर जल्दी कर सकते हैं पैसा कई गुना
- बात करें स्टॉक्स की तो इनमें जल्दी पैसा डबल या कई गुना करने की क्षमता होती है। मगर इनमें जोखिम भी अधिक होता है और आपको सही स्टॉक चुनने की भी जरूरत होती है।
- उदाहरण के लिए NSE के डेटा के अनुसार E2E Networks बीते 1 साल में 364.4 फीसदी रिटर्न दे चुका है। 5 साल में इसने 2572.5 फीसदी रिटर्न दिया है
- BSE डेटा के अनुसार Lloyds Engineering Works ने 5 सालो में 18073 फीसदी रिटर्न दिया है
एजुकेशन और सपोर्ट
1. इंवेस्टर एजुकेशन : म्यूचुअल फंड कंपनियां अक्सर इंवेस्टर एजुकेशन और सहायता प्रदान करती हैं, जिससे पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों को निवेश प्रक्रिया को समझने में मदद मिलती है।
2. कस्टमर सर्विस : म्यूचुअल फंड कंपनियां आम तौर पर निवेशकों के सवालों और चिंताओं का समाधान करते हुए कस्टमर सर्विस प्रदान करती हैं।
म्यूचुअल फंड में निवेश करके, पहली बार निवेश करने वाले निवेशक प्रोफेशनल मैनेजमेंट, डायवर्सिफिकेशन और कई सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं, जबकि डायरेक्ट शेयर बाजार से जुड़े जोखिम को कम कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयरों और म्यूचुअल फंड की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
