Hydrogen Truck Trial: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत के पहले हाइड्रोजन ट्रक ट्रायल को हरी झंडी दिखा दी है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह हमारे देश के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है। गडकरी के अनुसार यह स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) है और इससे प्रदूषण की समस्या कम होगी। उन्होंने कहा कि ईंधन के आयात पर प्रति वर्ष 22 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। उन्होंने प्रदूषण पर कहा कि प्रदूषण एक बड़ी चिंता है। इसके लिए उन्होंने दिल्ली में प्रदूषण का हवाला दिया।
भारत में हाइड्रोजन ट्रक का ट्रायल
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16 हाइड्रोजन चालित ट्रकों के ट्रायल को हरी झंडी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 16 हाइड्रोजन चालित ट्रकों को ट्रायल रन के लिए मंजूरी दी गई है। गडकरी ने कहा कि इन 16 में से हम पहली बार इनका ट्रायल शुरू कर रहे हैं। 3 ट्रक सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने ग्रीन मिशन को बहुत महत्वपूर्ण बताया।
कितनी है हाइड्रोजन स्टेशन की लागत
नितिन गडकरी ने कहा कि एक हाइड्रोजन स्टेशन की लागत 7 करोड़ रु है। यह एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि इसे घटाकर 50 लाख रुपये किया जाना चाहिए। इसके बिना हम इस महत्वपूर्ण मूवमेंट को आगे नहीं बढ़ा सकते।
वहीं केंद्रीय अक्षय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने का कि यह एक क्रांतिकारी बदलाव है। भारत ग्रीन हाइड्रोजन और इसके व्युत्पन्नों का वैश्विक केंद्र बनेगा।
पाँच पायलट परियोजनाओं की शुरुआत
वहीं भारत ने National Green Hydrogen Mission के तहत हाइड्रोजन-ईंधन वाली बसों और ट्रकों के लिए पाँच पायलट परियोजनाओं की शुरुआत करके स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस पहल का उद्देश्य परिवहन ईंधन के रूप में हाइड्रोजन की व्यवहार्यता का आकलन करना और बड़े पैमाने पर इसे अपनाने का रास्ता तैयार करना है।
